Shimla, 17 November-:हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश में बिजली से जुड़ी सेवाओं को अधिक सुचारू, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। उपभोक्ताओं को समयबद्ध और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में जल्द ही बिजली उपभोक्ता मित्र नियुक्त किए जाएंगे। यह पहल न केवल उपभोक्ता सेवाओं को मजबूत बनाएगी, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर भी लेकर आएगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली बोर्ड में 1602 बिजली उपभोक्ता मित्रों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह भर्ती आउटसोर्स आधार पर की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 10,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया का संचालन राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन के माध्यम से किया जाएगा। आयोग के इस निर्णय का मकसद उपभोक्ताओं के लिए सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है।
प्रदेश में लंबे समय से बिजली बोर्ड में 3,000 से अधिक टी-मेट (T-Mate) पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों पर बहाली न होने से फील्ड कार्यों जैसे लाइन मेंटेनेंस, फॉल्ट रिपेयर और बिजली आपूर्ति की बहाली में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। कमी के कारण न केवल कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है, बल्कि कई क्षेत्रों में फॉल्ट सुधार कार्यों में देरी भी देखने को मिल रही है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस कमी को गंभीरता से रेखांकित किया है।ऐसे हालात में बिजली विभाग और प्रदेश सरकार दोनों ही उपभोक्ता सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और सुलभ बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में उपभोक्ता सेवा केंद्रों और विभिन्न फील्ड क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ता मित्रों की तैनाती को आवश्यक माना गया है। बोर्ड प्रबंधन के अनुसार, विभाग में कर्मचारियों के युक्तिकरण की प्रक्रिया जारी है और कई पदों को सरप्लस घोषित किया जा चुका है, जिन्हें अब भरा नहीं जाएगा। ऐसे में उपभोक्ता मित्र सेवाओं की निरंतरता, विश्वसनीयता और समय पर आपूर्ति सुधार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।नई भर्ती प्रक्रिया से न केवल बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर और सहज सेवाएं मिल सकेंगी। यह कदम प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी अहम साबित होगा।
