सीमा शर्मा, मंडी: हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी यानी मंडी में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं यहां शुक्रवार को तारा रात्रि से बाबा भूतनाथ के शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने की परंपरा पूरी की जाएगी जिससे शिवरात्रि पर्व की तैयारी शुरू हो जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के शुरू होने से एक माह पहले शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने की परंपरा को पूरा किया जाता हैं। प्राचीन समय से चली आ रही इस पंरपंरा का निर्वहन इस बार भी किया जाएगा और तारा रात्रि पर करीब 21 किलों मक्खन बाबा भूतनाथ को चढ़ाया जाएगा।
छोटी काशी मंडी में बाबा भूतनाथ के मंदिर में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने की परंपरा मंडी नगर की स्थापना के समय 1527 ई. से चली आ रही है। सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी कायम है। बाबा भूतनाथ में यह परंपरा इस बार भी 20 जनवरी रात एक बजे से तारा रात्रि से शुरू होगी। बाबा भूतनाथ मंदिर के मंहत ने बताया कि शुक्रवार को तारा रात्रि पर करीब 21 किलों मक्खन बाबा भूतनाथ को चढ़ाया जाएगा और शिवलिंग पर इस मक्खन का लेप हर रोज करके विभिन्न रूपों में बाबा का श्रृंगार किया जाएगा।
शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले इस मक्खन को महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग से उतारा जाता है। उन्होंने कहा कि शिवलिंग को एक महीने तक मक्खन के अंदर ही रखा जाता है। इस दौरान जल के बदले मक्खन चढ़ाया जाता हैं।
एक माह तक प्रसिद्ध शिवलिंगों ओर देवी देवताओं के उकेरे जाएंगे स्वरूप
शुक्रवार रात्रि को बाबा भूतनाथ शिवलिंग पर मक्खन चढ़ाने के बाद एक माह तक शिवलिंग पर दुनिया के प्रसिद्ध शिवलिंगों पर देवी देवताओं के स्वरूप उकेरे जाएंगे। एक माह तक बाबा भूतनाथ अलग-अलग रूपों में नजर आएंगे। इसके बाद शिवरात्रि पर जब मक्खन की परत उतरेगी तब बाबा भूतनाथ अपने असल स्वरूप में लोगों को दर्शन देंगें।
