सोलन :योगेश शर्मा(TSN)-संयुक्त मजदूर किसान आंदोलन के सांझा आह्वाहन पर शुक्रवार को केंद्र सरकार की जनता विरोधी नीतियों के विरोध में देशव्यापी हड़ताल की गई । इसी आवाह्न पर सोलन में भी किसानों व मजदूरों की सांझा रैली पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस सोलन से शहर के ओल्ड डीसी ऑफिस तक निकाली गई ।
सयुंक्त मंच पर आकर एटक, इंटक, सीटू ने किया विरोध
इस दौरान एटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश भारद्वाज ने कहा कि आज किसान आंदोलन के समर्थन में हिमाचल प्रदेश में भी भारत बन्द के आह्वान पर हड़ताल की जा रही है,और जहां पर भी प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां हैं वहां पर आज श्रमिकों और हड़ताल कर पूरी तरह से बाजार बंद रखा गया है।सोलन में आज इटक, एटक,सीटू के पदाधिकारियों द्वारा मजदूरों किसानों और श्रमिकों की मांगों को लेकर रैली निकाली गई है और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सत्ता में आते ही 44 श्रम कानूनों को खत्म कर श्रम संहिताओं को लेकर आए थे उसके विरोध में और कर्मचारियों और उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की मांगों को लेकर लगातार वे प्रदर्शन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूँजीपतियों को छोड़कर समाज के सभी वर्गों मजदूरों कर्मचारियों, किसानों, ट्रांसपोर्टर्स सभी के शोषण को उतारू है। इसलिए आज सारे देश में केंद्र सरकार के खिलाफ हडताल हो रही है.
ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच का मानना है कि केंद्र सरकार पूरी तरह पूर्जीपतियों के साथ खड़ी हो गई है और आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ गई है।व्यापार को आसान करने के नारे की आड़ में मजदूरों के लिए बने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 मजदूर विरोधीलैबर कौड़ बनाकर पूंजीपतियों, उद्योगपतियों व कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए मजदूरों के 1 सदी के लगातार संघर्ष से बनवाए श्रम कानूनों को खत्म कर दिया है। मज़दूरों के लिए 12 घण्टे की ड्यूटी, फिक्स टर्म व मल्टी टास्क और आउटसोर्स रोजगार नीति लागू कर दी है जिससे सामाजिक सुरक्षा भी खत्म हो गई है। नवरत्न लाभकारी उद्योगों को बेचा जा रहा है। सरकार इंडिया ओन सेल, बंधुआ मज़दूरी और गुलामी की थ्युरी लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, साम्प्रदायिकता का उन्माद बंद करो।
