Shimla, Sanju-हिमाचल प्रदेश के एचपीपीसीएल कर्मचारी विमल नेगी की संदिग्ध मौत के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) ने केंद्र की सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि बीते 10 वर्षों में प्रदेश में सीबीआई की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही है और कई बड़े मामलों में न्याय नहीं मिल पाया है।
CBI का हिमाचल के पिछले मामलों में रिकॉर्ड नहीं ठीक
सीपीआईएम के राज्य सचिवालय सदस्य संजय चौहान और पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि गुड़िया रेप-मर्डर केस, मनोहर हत्याकांड और पुलिस भर्ती घोटाले जैसे मामलों में भी सीबीआई अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं दे पाई है। ऐसे में पार्टी को विमल नेगी मामले में निष्पक्षता की उम्मीद सीबीआई से नहीं है।
हिमाचल में नेताओं और अधिकारियों का नेक्सस भ्रष्टाचार को दे रहा बढ़ावा
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नेताओं और अधिकारियों का गठजोड़ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है, और विमल नेगी की मौत इसी गहराते भ्रष्ट तंत्र का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गंभीर है, तो मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच करवाई जानी चाहिए, ताकि HPPCL में फैले कथित भ्रष्टाचार का भी पर्दाफाश हो सके।
न्यायिक जांच की मांग, खुद भी जांच के लिए बनाई कमेटी
सीपीआईएम ने अपने स्तर पर भी मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक समिति का गठन किया है और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष न्यायिक जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
