स्वदेशी जागरण मंच के विचार वर्ग में युवाओं से भारतीय उत्पादों और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने का आह्वान
ऊना, राकेश -:स्वदेशी जागरण मंच की ओर से ऊना में विचार वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्वदेशी विचारधारा, आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भारतीय जीवन मूल्यों पर विस्तार से मंथन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित स्वदेशी जागरण मंच के त्रिप्रांतीय संगठक विनय शर्मा ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सांस्कृतिक अस्मिता का आधार है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा स्वदेशी जागरण मंच के प्रेरणास्रोत दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद स्वदेशी विचारधारा की वर्तमान समय में प्रासंगिकता और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।अपने संबोधन में विनय शर्मा ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी विचार को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों के समर्थन और स्वदेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक के सहयोग से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच स्वदेशी को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक सत्यदेव शर्मा सहोड़ ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण अभियानों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंच समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर स्वदेशी के माध्यम से राष्ट्रहित में जागरूकता का कार्य कर रहा है तथा सभी से इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया।विचार वर्ग में स्वदेशी, सहकारिता, उद्यमिता, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन स्वदेशी विचारधारा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

