Kullu, Manminder Arora (TSN):बिलासपुर से मनाली होते हुए लेह तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को लेकर अब स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। कुल्लू में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष एवं होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदराम ठाकुर ने कहा कि इस रेल प्रोजेक्ट का सर्वे जिस तुर्की मूल की कंपनी ने किया है, वह देश की सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बन सकती है।
राष्ट्र सुरक्षा और पारदर्शिता का सवाल
वेदराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया था। ऐसे में तुर्की से जुड़ी कंपनी को भारत के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में काम करने देना, देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कंपनी को कुल्लू क्षेत्र की भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी नहीं है, और उनका किया गया सर्वे वास्तविकता से परे लगता है।
स्थानीयों को विस्थापन और पर्यावरण को नुकसान की आशंका
सर्वे के अनुसार, कुल्लू में सैकड़ों बीघा जमीन अधिग्रहित की जाएगी जिससे कई लोग अपने घर और जमीन से विस्थापित हो सकते हैं। इसके साथ ही लाखों पेड़ों की कटाई का भी अनुमान है, जिससे पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। वेदराम ठाकुर ने कहा कि वे रेलवे प्रोजेक्ट के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सर्वे ऐसी कंपनी से होना चाहिए जो भारत की सुरक्षा और स्थानीय सरोकारों के प्रति संवेदनशील हो।
स्थानीय सहभागिता की मांग
ठाकुर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि रेलवे लाइन के सर्वे को नए सिरे से करवाया जाए और इसमें स्थानीय पंचायतों, पर्यावरणविदों और पर्यटन कारोबारियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा सर्वे सभी हितधारकों की राय से तैयार हो और पारदर्शी हो, ताकि देशहित और जनहित दोनों की रक्षा हो सके।
बाइट:
वेदराम ठाकुर, अध्यक्ष, जिला कुल्लू पूर्व प्रधान संघ एवं होम स्टे एसोसिएशन
“हम रेलवे लाइन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सर्वे ऐसी कंपनी से होना चाहिए जो देशहित में काम करे, न कि संभावित सुरक्षा खतरा बने।”
