टीलूधार(नावर),11फरवरी–विपत्ति की घड़ी में जहां लोग सरकारी सहायता की ओर उम्मीद से देखते हैं,वहीं सुंदर नैंटा और उनके परिवार ने आत्मनिर्भरता और पारिवारिक मूल्यों की मिसाल पेश की।रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड में उनका पारंपरिक मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया,लेकिन इसके बावजूद उन्होंने किसी भी सरकारी राहत सहायता को लेने से इनकार कर दिया।
नायब तहसीलदार इंद्रा वर्मा ने की सहायता की पेशकश
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। नाइब तहसीलदार इंद्रा वर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से राहत सहायता देने की पेशकश की गई थी,लेकिन सुंदर नैंटा और उनके परिवार ने सौम्यता के साथ इसे अस्वीकार कर दिया।उनका कहना था कि यह उनका पारंपरिक साझा घर था,और वे स्वयं इसकी पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेंगे।
आत्मनिर्भरता और पारिवारिक संस्कारों की अनूठी सीख
नैंटा परिवार के इस निर्णय ने समाज में आत्मनिर्भरता और पारिवारिक मूल्यों की एक नई मिसाल कायम की है।जहां अधिकांश लोग संकट के समय सरकारी सहायता की ओर देखते हैं,वहीं इस परिवार ने अपने परिश्रम और पारिवारिक सहयोग से फिर से खड़े होने का निश्चय किया।
समाज के लिए प्रेरणा
सुंदर नैंटा और उनके परिवार का यह निर्णय केवल संस्कारों और आत्मनिर्भरता की मिसाल ही नहीं,बल्कि समाज में नई सोच को भी जन्म देता है।यह घटना दर्शाती है कि संकट के समय भी अपने मूल्यों और आत्मसम्मान को बनाए रखना ही सच्ची शक्ति है।
