बिलासपुर, सुभाष: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में ‘समर्थ्यया हमारी पहचान’ संस्था द्वारा आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दिव्यांगजनों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा 100 प्रतिशत दिव्यांगजनों की पेंशन में बढ़ोतरी किए जाने के फैसले का संस्था के पदाधिकारियों ने स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
संस्था के चेयरमैन एडवोकेट लग्नेश कुमार ने कहा कि सरकार का यह निर्णय दिव्यांग वर्ग के लिए राहत भरा कदम है। उन्होंने इसे मानवीय दृष्टिकोण से लिया गया सकारात्मक फैसला बताते हुए कहा कि इससे समाज में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।उन्होंने सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के विवाह के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उनके अनुसार, यह पहल न केवल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देगी।
इसके अलावा, संस्था ने उस फैसले को भी महत्वपूर्ण बताया, जिसके तहत अब उन दिव्यांगजनों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा, जो पहले अपने माता-पिता के सरकारी सेवा में होने के कारण इस सुविधा से वंचित रह जाते थे। इस निर्णय को उन्होंने न्यायसंगत और समावेशी करार दिया।हालांकि, संस्था ने सरकार से कुछ और मांगें भी रखीं। पदाधिकारियों का कहना है कि 40 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक के दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन में भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि इस श्रेणी के लोग भी जीवन यापन में कई तरह की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हैं, इसलिए उन्हें भी पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए।संस्था ने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में इन मांगों पर भी गंभीरता से विचार करेगी और सभी वर्गों के दिव्यांगजनों के लिए समान रूप से कल्याणकारी नीतियां लागू करेगी।
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Chandrika
