अरविंदर सिंह,हमीरपुर: जिला हमीरपुर में बेमौसमी बारिश ओर इससे पहले सर्दियों में सूखे जैसी स्थिति के कारण विभिन्न फसलों एवं फलदार पौधों को हुए नुक़सान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस बाबत निर्देश उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, डीडीएमए, के अध्यक्ष हेमराज बैरवा ने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को जारी किए। गुरुवार को यहां हमीर भवन में जिला के अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने यह निर्देश दिए। इस बैठक में आगामी गर्मी के सीजन के लिए आवश्यक तैयारियों एवं विभिन्न प्रबंधों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि हमीरपुर जैसे पानी की कमी वाले क्षेत्रों में कई बार मई और जून के महीने में पेयजल की कमी एवं सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के पास अपनी कार्य योजना होनी चाहिए। हेमराज बैरवा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण जिला में गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा हैं। इसके अलावा सर्दियों में इस बार बहुत ही कम बारिश के कारण भी गेहूं की फसल खराब हुई हैं। कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक सर्दियों में कम बारिश के कारण गेहूं की फसल को लगभग 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ हैं।
उन्होंने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को नुक़सान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने ओर फसल बीमा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि जिला के लगभग 38 हजार किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया हैं। अन्य किसानों को भी बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र सांजटा ने बताया कि सुखे की संभावना को लेकर आपदा प्रबंधन की जिला स्तरीय बैठक की गई जिसमें सुखे की संभावना के चलते प्रशासन की तैयारियों, जल जनित रोगों से बचाव के लिए जल शक्ति विभाग की तैयारियों, बेमौसम बारिश से हो रहे फसलों के नुकसान, पशुओं के लिए चारे का प्रबंध करना ओर गर्मियों में होने वाले रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई ओर उचित दिशा-निर्देश दिए गए।
पेयजल स्रोतों की नियमित रूप से की जाए सफ़ाई
उपायुक्त ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह जिला के सभी पेयजल स्रोतों की नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित करवाएं ओर गर्मी के सीजन में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे। जलजनित रोगों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तैयारी रखें।
वनों में आग की घटनाओं को रोकने लिए वन विभाग 70 बीटों में फील्ड कर्मचारियों को करें अलर्ट
हेमराज बैरवा ने कहा कि वनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग अपनी सभी 70 बीटों में फील्ड कर्मचारियों को अलर्ट पर रखे ओर स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं वालंटियरों के साथ समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि जिला में पशुचारे की संभावित कमी के मद्देनजर पशु पालन विभाग के अधिकारी भी तैयारी रखें।
