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पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारी

admin
admin 2 Min Read
Updated 2022/07/28 at 10:31 AM
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बिलासपुर: काॅरपोरेट सेक्टर के रिटायर कर्मचारी बुधवार को पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे ओर रैली निकाली । कर्मचारियों की यह रैली कॉलेज चौक से शुरू हुई और डीसी ऑफिस तक पहुंची। यहां डीसी ऑफिस के बाहर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इसके बाद कर्मचारियों ने डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ज्ञापन भी भेजें।

काॅरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की कॉर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह गुलेरिया व महासचिव श्रवण शर्मा ने कहा कि हिमाचल में विभिन्न बोर्डों और निगमों में कुल 39,072 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें से 32,242 कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशन की सुविधा मिल रही है। इसके विपरीत 6,730 कर्मचारी पेंशन से वंचित है। उन्हें ईपीएफ से प्रतिमाह महज एक से तीन हजार रुपये की नाममात्र सी पेंशन मिल रही है, जो उनके साथ अन्याय है।

कमेटी के नुमाइंदों ने कहा कि यह मसला 1999 में तत्कालीन भाजपा सरकार के समक्ष उठाया गया था। उस दौरान सरकार ने अक्टूबर 1999 में अधिसूचना जारी करके बोर्डों-निगमों के बाकी कर्मचारियों को भी सरकारी कर्मचारी की तरह पेंशन देने के आदेश जारी किए, लेकिन 2004 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस अधिसूचना को रद कर दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी पेंशन बहाल करने से सरकार पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। ईपीएफओ के पास जमा उनका पेंशन फंड सरकार के पास वापस आ जाएगा। सरकार को यह फंड चलाने के लिए बेहद कम वित्तीय सहायता देनी होगी। सेवानिवृत्ति के बाद वे लोग शारीरिक व मानसिक तौर पर कमजोर हो चुके है। परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश सरकार को अक्टूबर 1999 की अधिसूचना बहाल करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि उन्हें भी पेंशन की सुविधा मिल सके।

TAGGED: Himachal pardesh
admin July 28, 2022
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