संजीव महाजन,नूरपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एनपीएस को लेकर दिए गए बयान का न्यू पैंशन स्कीम रिटायर कर्मचारी महासंघ ने विरोध जताया हैं। उन्होंने कहा हैं की एनपीएस कर्मचारी के पैसे पर कर्मचारियों का हक बनता हैं ।
न्यू पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरीया ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमन की ओर से न्यू पेंशन स्कीम को लेकर दिया गया बयान तानाशाही का जीता जागता उदाहरण हैं। वित्त मंत्री ने कहा हैं कि एनपीएस का पैसा राज्य सरकारों को वापस नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पैसे पर भी मोदी सरकार कुंडली मारकर बैठ गई हैं, जबकि कर्मचारी अधिकारी वर्ग के पैसे पर केन्द्र का कोई हक ही नहीं बनता हैं। उन्होंने कहा कि देश में कोई आर्थिक आपातकाल लागु नहीं हुआ हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन के चलते किसान कृषि बिल संसद में वापस लिया हैं उसी तरह केंद्र की मोदी सरकार एनपीएस को भी संसद में निरस्त कर के पुरानी पेंशन व्यवस्था पुरे देश में लागू करे। पढ़ें लिखे बेरोज़गार युवा पीढ़ी को रोजगार गारंटी दे अन्यथा पुरे देश के एनपीएस कर्मचारी अधिकारी , बेरोज़गारी से पीड़ित युवाओं की फौज और महंगाई से त्राहिमाम करती भारतवर्ष की जनता 2024 चुनाव में उन्हें सत्ता से बाहर उखाड़ फेंकने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
डॉ. संजीव गुलेरीया प्रदेश अध्यक्ष न्यू पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी वर्ग के रिटायर होने के बाद बुढ़ापे का ध्यान रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले से कर्मचारियों,अधिकारियों में बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली से सुख की एक आस बंधी हैं। डॉ. संजीव गुलेरीया ने कहा कि महासंघ पुरानी पेंशन उन रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी वर्ग के निजी खातों में सरकार की ओर से डालने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सम्मानित करेगा।
