संजीव महाजन,नूरपुर(TSN): नूरपुर विधानसभा की लौहापुरा पंचायत के गांव देवभराडी में रिटायर्ड सैनिक सुनील कुमार जो बच्चों व युवाओं को लेकर पहल शुरू की थी वह रंग लाती नज़र आ रही हैं। सेवानिवृत्त सैनिक सुनील कुमार ने गांव व आसपास के इलाकों के बच्चों व युवाओं की खेलों की ओर रुचि बढ़ाने के लिए उन्हें निशुल्क कुश्ती, जूड़ो की ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया हैं और अखाड़ा देवभराड़ी में गुर सीखने वाले खिलाड़ी आज कई जगहों पर खेल प्रतियोगिताओं में मेडल जीत कर ला रहे हैं।
अखाड़ा संचालक रिटायर्ड सैनिक सुनील कुमार ने बताया कि वह जब सेना से रिटायर्ड होकर अपने गांव आए तो मैंने देखा कि हमारे यहां बच्चें युवा बिना मतलब के इधर उधर घूम रहे हैं तो मैंने सोचा कि क्यों ना इन बच्चों व युवाओं की रुचि खेलों की ओर बढ़ाई जाए ताकि यह अपना ध्यान किसी गलत रास्ते पर चलने के बजाए खेलों की ओर रखें और खेलों में अच्छा प्रदर्शन करके भविष्य में किसी अच्छे मुकाम को हासिल कर पाए।
इसे लेकर उन्होंने अपने गांव के पहलवान बलविंदर सिंह जोनू से बात की तो उन सबने मिलकर एक अखाड़ा शुरू किया जिसमें अब निशुल्क बच्चों को कुश्ती और जूडो का अभ्यास उनकी ओर से करवाया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि हमारे अखाड़ा देवभराडी में स्कूलों के बच्चों के साथ आसपास के इलाकों के युवा बच्चे भी कुश्ती के गुर सीखने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले अखाड़ा देवभराडी के 18 बच्चों ने नूरपुर में हुई राज्य स्तरीय कुराश प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें 5 बच्चों ने गोल्ड मेडल,6 बच्चों ने सिल्वर मेडल,6 बच्चों ने ब्राउन मेडल जीतकर अखाड़े का और गांव का नाम रोशन किया हैं। बच्चों ने कई ओर प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीते हैं।
उन्होंने बताया कि हम अपने खुद के खर्चे से इन बच्चों को अभ्यास करवा रहे हैं। अगर हमें हमारे खिलाड़ियों को सरकार या प्रशासन से सुविधाएं मिल जाए तो हम यहां से अच्छे खिलाड़ी तैयार करके प्रदेश और देश को दे सकते हैं।
पहलवान कोच बलविंदर सिंह जोनू ने कहा कि हमारे भाई जैसे ही सेना से रिटायर्ड होकर आए तो इन्होंने कहा कि क्यों ना हम बच्चों की रुचि खेलों की ओर बढ़ाए तो हमने मिलकर यहां एक अखाड़ा शुरू किया हैं जिसमें हम बच्चों को कुश्ती,जुडो के गुर सीखा रहे हैं। हमारे यहां से बच्चे स्कूल खेल प्रतियोगिताओं में, कालेज खेल प्रतियोगिताओं में मेडल जीत कर ला रहे हैं। हम चाहते हैं कि जिस तरह हरियाणा में हर गांवों में प्रतियोगिताएं होती है उसी तरह हमारे गांव में भी होनी चाहिए। इससे बच्चों, युवाओं का ध्यान ग़लत रास्तों व नशों की ओर नहीं जा सकता है और अच्छा प्रर्दशन करके वह अपना,गांव का ओर अपने माता पिता का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने सरकार से भी गुजारिश कि हैं कि अगर उनके यहां अखाड़े में आधुनिक खेल सुविधाएं दी जाएं तो वह प्रदेश और देश के लिए बढ़िया खिलाड़ी तैयार करके दे सकते हैं। वहीं खिलाड़ी मुस्कान ने कहा कि हम अखाड देवभराडी में रोज अभ्यास करने आते हैं। हमारे कोच हमें बहुत अच्छे ढंग से कुश्ती और जूडो के गुर सिखाते हैं ओर हम अपने कोच का धन्यवाद करते हैं। खिलाडी बॉबी ने कहा कि वह देवभराडी अखाड़े में प्रैक्टिस करते हैं। वह यहां डेढ़ साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। हमें हमारे कोच सुनील बहुत अच्छी तरह प्रैक्टिस करवाते हैं ओर हम कोच का धन्यवाद करते हैं।
