संजु चौधरी, शिमला: छात्र गुटों के बीच होने वाली लड़ाई और हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार इस तरह की लड़ाइयां कभी विश्वविद्यालय तो कभी कॉलेजों में सामने आती हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को भी शिमला में पेश आया जहां राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में छात्र गुटों के बीच में एक बार फिर से हिंसक झड़प हुई । कहने को तो यह कन्या महाविद्यालय है लेकिन शनिवार को यहां एसएफआई के लड़कों की ओर से कन्या महाविद्यालय की छात्राओं पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए गए हैं । वैसे तो शिमला का पुलिस प्रशासन सुदृढ़ कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा की बडे-बडे दावे करता है, लेकिन इनकी पोल तो तब खुली जब दिन दिहाड़े हाथों में डंडे, रोड़, दराट लिए एसएफआई के बाहरी गुंडे नशे में धुत होकर कन्या महाविद्यालय में घुसकर छात्राओं से छेड़छाड़ करते ओर गालीगलौज करते हुए उन पर जानलेवा हमला करते हुए नजर आए।
यही नहीं एसएफआई के कुछ बाहरी कार्यकर्ताओं पर कुछ छात्राओं को दो तीन किलोमीटर तक रोड़ों और डंडों से मारते हुए पीछा करने के भी आरोप लगाए गए हैं। इस सब से पूरे महाविद्यालय में तनाव का माहौल बन गया और कुछ छात्राएं अभी भी आईजीएमसी में भर्ती हैं।
घटनास्थल पर मौजूद एबीवीपी की प्रांत कार्यकारणी सदस्य पर्वी बस्टा का आरोप हैं कि शनिवार दोपहर कॉलेज में कुछ छात्रा कार्यकर्त्ता कॉलेज गेट के पास मोमोज खा रहीं थी कि इसी बीच कुछ एसएफआई के आउटसाइडर्स छात्र कार्यकर्ता शराब के नशे में एसएफआई छात्रा कार्यकर्ताओं के साथ वहां पर आते हैं और वहां पर छात्राओं के साथ छेड़ छाड़, आंख मरना और अभद्र इशारे करना शुरू करते हैं। इसके बाद वह उन्हें छूने की कोशिश करने लगे, जब छात्राओं ने इसका विरोध किया तो उन्होंने दराट, रोड़ व डंडो से उन छात्राओं पर हमला कर दिया गया।
पर्वी बस्टा ने बताया कि इस हमले में तकरीबन एक दर्जन छात्राओं को गंभीर चोट आई और कुछ घायल छात्राएं आईजीएमसी में उपचाराधीन हैं। इस सब में एसएफआई के अनिल ठाकुर, सुशील, पवन, नीतीश राजटा, आशीष, रमन, प्रिया, भावना, मोनिका, प्रियंका, अंकिता, आइना, कमल डोगरा, वीना, अंजली, पीहू, विनस, किरण, प्रेरणा, साक्षी, दीक्षा शामिल हैं।
पर्वी ने कहा कि यह घटना शिमला में महिला सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा करता है ,जब दिन के उजाले में भी छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना के बाद महाविद्यालय की छात्राएं सहमी हुई हैं और तनाव में भी हैं। पर्वी ने कहा कि एसएफआई को कन्या महाविद्यालय में बैन किया जाए और आउटसाइडर्स गुंडों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
