Shimla,23 September-अतिरिक्त महाअधिवक्ता जितेंद्र शर्मा ने कहा कि शिमला का सबसे चर्चित युग मर्डर केस 2018 से हाईकोर्ट में लंबित था। निचली अदालत ने इस मामले में तेजिंद्र पाल, चन्द्र कुमार शर्मा और विक्रांत बख्शी—तीनों को फांसी की सजा सुनाई थी। नियम के अनुसार फांसी की सजा की पुष्टि हाईकोर्ट से होती है।
जितेंद्र शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में तेजिंद्र पाल को बरी कर दिया है, जबकि चन्द्र शर्मा और विक्रांत बख्शी की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है।जितेंद्र शर्मा ने कहा, “हम इस फैसले से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। हमारा मानना है कि तीनों की भूमिका समान थी। ऐसे में तेजिंद्र पाल का बरी होना हमारे लिए भी हैरानी का विषय है। सरकार इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।”
