चन्द्रिका: हिमाचल प्रदेश प्रकृति सौंदर्य से भरपूर है। यहां कई ऐसे स्थान है जो प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर है। इनमें से शिमला का तत्तापानी स्थान भी धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से विख्यात है।
गर्म पानी में डुबकी लगाने से दूर होते है चर्म रोग
शिमला से करीब 51 किलोमीटर की दूरी पर तत्तापानी स्थित है। सतलुज नदी के किनारे इस स्थान को तत्तापानी इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यहां गर्म पानी के चश्मे है। पहाड़ी बोली में ताता का मतलब गर्म होता है। यहां गर्म पानी के चश्मे होने के कारण इस जगह का नाम तत्तापानी पड़ा है। ये स्थान धार्मिक स्थल के रूप में भी विकसित है। इस स्थल पर हर वर्ष हजारों सैलानी और लोग पहुंचते हैं। पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करना बेहद पवित्र माना जाता है। इस गर्म पानी में डुबकी लगाने से चर्म रोगों के साथ साथ जोड़ों के दर्द भी ठीक हो जाते हैं। नदी किनारे गरम और ठंडे पानी में स्नान करने और सूर्य स्नान के लिए सुबह के समय काफी लोग यहां पहुंचते हैं। इस जगह पर तुला दान करवाने का भी महत्व है । तुला दान के लिए यहां पूरे हिमाचल से लोग पहुंचते है।
मकर सक्रांति के अवसर पर यहां मेले का भी आयोजन किया जाता है। इस दिन यहां खिचड़ी का भंडारा भी लगाया जाता है। इस दिन बहोत से श्रद्धालु धार्मिक स्नान करने यहां पहुंचते है । कहा जाता है कि इस दिन यहां का पानी गंगा की तरह पवित्र हो जाता है। जो भी इसमें स्नान करता है उसके सारे पाप धुल जाते हैं।मनोकामना पूर्ण होने पर लोग अपने बच्चों का मुंडन भी करवाते हैं।
वॉटर स्पोर्ट्स को लिए भी विकसित
सतलुज नदी में वॉटर स्पोर्ट्स को भी विकसित किया गया है। यह स्थल अब साहसिक खेलों जैसे राफ्टिंग के लिए भी प्रसिद्घ हो रहा है। हर साल यहां इन खेलों का आयोजन होता है।
