अनिल कुमार, किन्नौर: किन्नौर के हाँगरंग घाटी व स्पीति के सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आईबेक्स नज़र आए हैं। स्थानीय लोगों ने इन आईबेक्स को अपने कैमरे में भी कैद किया हैं। किन्नौर जिला की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ़बारी के दस्तक देने के बाद अब जंगली जानवर ऊंचे पहाड़ों से निचले पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। यही वजह भी हैं कि यह आईबेक्स यानी जंगली बकरे जो कि एक दुर्लभ प्रजाति हैं वह भी भोजन की तलाश में निचले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं।
इन आईबेक्स को देखने के लिए दूर दराज क्षेत्रों से पर्यटक किन्नौर आते है लेकिन आईबेक्स इतनी आसानी से नहीं देखे जा सकते क्योंकि यह प्रजाति पहाड़ो के बहुत ऊंचाई वाले बर्फ़ीले क्षेत्रों मे रहती हैं। किन्नौर जिला के हाँगरंग घाटी व रोपा घाटी के सीमांत क्षेत्र से एक वीडियो जो स्थानीय व्यक्ति जो अपने भेड़ बकरियों को चारागाह की ओर ले जा रहे थे उस वक़्त अपने कैमरे में कैद किया गया हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें जंगली आईबेक्स बर्फ वाली पहाड़ियों पर चारे व पीने के पानी के तलाश मे निकले हैं।
बता दे कि जिला के रोपा, हाँगरंग घाटी व कुनो चारंग की पहाड़ियों पर पाए जाने वाले इन आईबेक्स को किन्नौर जिला में लोग न ही शिकार करते है न ही इनको पहाड़ियों पर भगाने की कोशिश करते हैं। किन्नौर जिला मे आईबेक्स को शुद्ध प्रजाति का बकरा मानते है और आईबेक्स किन्नौर जिला के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों मे कुछ वर्ष पूर्व लोगों के घरों के करीब भी देखे गए थे।
आईबेक्स का दिखना शुभ मानते हैं स्थानीय लोग
किन्नौर के ऊंचे पहाड़ों पर पाए जाने वाली जंगली बकरे आईबेक्स क़ा वजन करीब सौ किलो के आसपास होता है और इन आईबेक्स का दिखना स्थानीय लोग शुभ मानते हैं।
