सोलन/योगेश शर्मा: जिला सोलन में बूस्टर डोज लगवाने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं । जिसके चलते 30 सितंबर तक बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग पूरा नहीं कर पा रहा है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगाने में जिला सोलन लगातार पिछड़ता जा रहा है। अभी तक केवल 22 फ़ीसदी लोगों को ही बूस्टर डोज जिला में लग पाई है। ऐसे में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आगामी 1 वर्ष का समय लग जाएगा। कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद अब लोग भी बूस्टर डोज लगाने में आगे नहीं आ रहे हैं।
अस्पतालों में बनाए जा रहे वेक्सिनेशन केंद्र में मात्र 20 से 30 लोग ही रोजाना टीकाकरण करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। बूस्टर डोज की रफ्तार भी पहली और दूसरी डोज लगाने की तरह नहीं चल रही है जिसके चलते कोरोना टीकाकरण अभियान में भी देरी हो रही है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ना तो आईईस कर रहा है और ना ही लोगों को बूस्टर डोज के लिए जागरूक कर रहा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमित रंजन ने बताया कि जिला में अभी तक 1,43000 लोगों को ही बूस्टर डोज लग पाई है। डोज लगवाने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे डोज लगाने के लिए आगे आए। वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज की तरह बूस्टर डोज लगाने के लिए रोजाना अस्पतालों में केंद्र बनाया जा रहे हैं लेकिन लोगों की संख्या काफी कम होती जा रही है। जिला सोलन में अभी तक कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज 6,51,549 लोगों को लगा चुके लगाई जा चुकी है। इस आंकड़े के अनुसार अभी करीब 5,11,406 लोगों का बूस्टर डोज लगाना बाकी है, लेकिन अभी तक 22 फ़ीसदी लोग ही बूस्टर डोज के लिए आगे आए है।
बूस्टर डोज के लिए अधिकतर युवाओं में ढील देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में युवा जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगाई है , इसके चलते इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला स्वास्थ्य विभाग लगातार पिछड़ता जा रहा है। बता दें कि लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अभी भी कोई रणनीति नहीं है । इसके चलते लक्ष्य को प्राप्त करने में अभी भी संशय बना हुआ है ।
