Shimla, 3 January-:जिले में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल की अध्यक्षता में बचत भवन शिमला में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं बल्कि बच्चों के अधिकारों पर सीधा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के खतरनाक कार्य में लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि 14 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए कार्य परिस्थितियों को अधिनियम के तहत नियंत्रित किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने जानकारी दी कि जिले के सभी उपमंडलों में संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स नियमित निरीक्षण कर अधिनियम के पालन को सुनिश्चित करेगी। श्रम विभाग को निर्देश दिए गए कि वह प्रत्येक माह किए गए निरीक्षणों की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि किसी भी संस्थान, दुकान या कार्यस्थल पर नियमों के विरुद्ध बच्चा या किशोर कार्यरत नहीं पाया जाना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ जेल व जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि बाल मजदूरी के मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा ने कहा कि 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों का स्कूल में होना अनिवार्य है। उन्होंने शिमला शहर के रिज, माल रोड व लोअर बाजार में बच्चों से काम करवाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।बैठक में विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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Shimla DC Divyanshu Singhal
Chandrika
