Shimla,3 January-:इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC), शिमला द्वारा नशे के बढ़ते खतरे के विरुद्ध एक सशक्त जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम IGMC में संचालित “हर दिन सेहत अभियान” के अंतर्गत चिट्टे (स्मैक) के दुष्प्रभावों पर केंद्रित रहा, जिसका उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
यह जागरूकता कार्यक्रम वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, IGMC शिमला, डॉ. राहुल राव के मार्गदर्शन में तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। सत्र के दौरान वक्ताओं ने चिट्टे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक नुकसान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह नशा व्यक्ति की सेहत को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है और परिवार व समाज की स्थिरता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।कार्यक्रम में IGMC शिमला के लगभग 40 नर्सिंग छात्र-छात्राओं, अस्पताल प्रशासन, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को प्रमाण-आधारित जानकारी के माध्यम से यह समझाया गया कि नशे की समस्या केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती है, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
वक्ताओं ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों व समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सही जानकारी, समय पर संवाद और सकारात्मक सोच से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
वक्ताओं ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों व समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सही जानकारी, समय पर संवाद और सकारात्मक सोच से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
IGMC प्रशासन ने दोहराया कि “हर दिन चिट्टे के खिलाफ : आज से, यहीं से, हम सब”के संदेश के साथ इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि हिमाचल प्रदेश को नशा-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
Chandrika
