हमीरपुर: देशभर में केंद्र सरकार की ओर से खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी बढ़ाने के खिलाफ कांग्रेस विरोध में उतर आई है और केंद्र सरकार पर जनता पर महंगाई बीमार करने के आरोप लगा रही है। वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस पर दुष्प्रचार करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
ऐसे में आरोप- प्रत्यारोप का सिनसिला शुरू हो गया है।
सुजानपुर के विधायक की ओर से जारी बयान पर सुजानपुर भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी विनोद ठाकुर ने पलटवार किया है और कहा कि जिस जीएसटी का सुजानपुर विधायक और उनके सपुत्र विरोध कर रहे हैं और इसको लेकर हो हल्ला मचाया जा रहा है लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि जीएसटी काउंसिल की जो बैठक दिल्ली में हुई थी उसमें सात में से तीन कांग्रेस शासित राज्यों के कमेटी सदस्य भी मौजूद थे। उन्हीं की सहमति के बाद जीएसटी को लेकर यह सहमति बनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि देश भर में कांग्रेस की मानसिक स्थिति खराब हो चुकी है कांग्रेस शासित प्रदेश के सदस्य जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस जीएसटी का समर्थन करते हैं और जनता के सामने आकर इसका विरोध करना शुरू कर देते हैं और लोगों को भड़काने का काम शुरू कर देते है। यदि कांग्रेस को जीएसटी बुरा लग रहा था तो जीएसटी काउंसिल की बैठक में इसका उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया। वहां पर तो इन्होंने इसका समर्थन कर दिया इसलिए विधायक और उनके पुत्र जीएसटी पर ज्ञान बांटने से पहले कांग्रेस शासित प्रदेश के जीएसटी काउंसिल सदस्य से बात करें जो इस बैठक में मौजूद थे और इस जीएसटी का समर्थन कर रहे थे।
उन्होंने कहा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वर्तमान में जो जीएसटी लगाया गया है उसके बाद जो नई दरें सामने आई हैं उन रेट को सामने रखा जाए और कांग्रेस के समय में इन चीजों पर कितना टैक्स लगता था । दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा और पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में लाने के लिए कांग्रेस शासित राज्यों ने किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं देना चाहती है जबकि जनता के समक्ष सिर्फ विरोध और जनता को भड़काने करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि नई जीएसटी लगने के बाद खाद्य पदार्थों की दरों में कमी आई है लेकिन सुजानपुर विधायक और उनके पुत्र हर बात पर अपनी राजनीति चमकाने का काम करते हैं, और बिना सोचे समझे ज्ञान अर्जित किए मीडिया में आकर बयान बाजी करना शुरू कर देते हैं, और इस तरह की बयानबाजी करके वह हंसी के पात्र बनते हैं।
