हमीरपुर,20 अक्टूबर:पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने आज जारी एक बयान में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुक्खू सरकार ने इमरजेंसी के काले दौर की यादें फिर से ताजा कर दी हैं.जब कांग्रेस सरकार ने अखबारों पर सेंसरशिप थोप दी थी और कई साहसी पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया था।
राजेंद्र राणा ने तीखे शब्दों में कहा,”यह बेहद शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री सुक्खू जनता और चुने हुए जनप्रतिनिधियों से दूरी बनाने के साथ-साथ अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मीडिया से भी भागने लगे हैं।मुख्यमंत्री की यह हरकतें उनके शासन की विफलताओं और असुरक्षा की पोल खोलती हैं।अब वे अपनी असफलताओं पर परदा डालने के लिए मीडिया को भी निशाना बना रहे हैं।”उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मीडिया की आवाज को दबाने की यह कोशिशें हिमाचल के लोगों के अधिकारों और लोकतंत्र पर सीधा हमला है, और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
