धर्मशाला, राहुल-हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में मंगलवार से आर्ट्स विषयों के प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से लगभग 100 विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार कम्पीटेंसी बेस्ड प्रश्न पत्र लागू किए गए थे। इन प्रश्न पत्रों का विश्लेषण एक प्रोफेशनल एजेंसी से करवाया गया, जिसमें पाया गया कि आर्ट्स विषयों के पेपर्स में अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं। जबकि कॉमर्स, साइंस और अन्य विषयों के प्रश्न पत्र अपेक्षित स्तर के पाए गए।इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए बोर्ड ने आर्ट्स विषयों पर केंद्रित यह विशेष कार्यशाला आयोजित की है। प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली और ‘परख’ जैसी संस्थाओं से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य आर्ट्स विषयों के प्रश्न पत्रों को कम्पीटेंसी बेस्ड पैटर्न के अनुरूप बनाना है। जब तक प्रश्न पत्रों में 50 प्रतिशत तक कम्पीटेंसी बेस्ड प्रश्न शामिल नहीं हो जाते, तब तक इस तरह के प्रशिक्षण सत्र लगातार जारी रहेंगे।उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग जिला स्तर पर भी शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। हाल ही में कांगड़ा जिले में एक महीने तक रोजाना शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। बोर्ड के पास 70 से 100 मास्टर ट्रेनर उपलब्ध हैं, जो ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रारूपों में प्रशिक्षण दे रहे हैं।डॉ. शर्मा ने कहा कि बोर्ड का लक्ष्य है कि प्रत्येक शिक्षक को फर्स्ट हैंड ट्रेनिंग प्राप्त हो और प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
