Shimla, 13 November-:हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल आज शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान सहानुभूतिपूर्वक किया जाएगा।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश अब शिक्षा गुणवत्ता के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार के समय यह रैंकिंग 21वीं थी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा राजनीतिक कारणों से खोले गए गैर-जरूरी स्कूलों को बंद किया गया है, जबकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं।उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता को और सशक्त करने के लिए पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई आधारित प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। राज्य में पिछले वर्ष से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रारंभ की गई है और छात्रों को स्मार्ट यूनिफॉर्म चुनने की स्वतंत्रता दी गई है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
