बिलासपुर/सुभाष ठाकुर: विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी में मंदिर न्यास द्वारा बनाए जा रहे होल्डिंग एरिया और लिफ्ट के विरोध में जल्द कार्यकर्ताओं के साथ धरना प्रदर्शन पर बैठेंगे। क्षेत्र के दुकानदारों को और स्थानीय लोगों को उजड़ने नहीं देंगे। यह बात आज पूर्व मंत्री विधायक रामलाल ठाकुर ने नवरात्रा के पावन उपलक्ष पर माता के दर्शन करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। इससे पहले दुकानदारों व स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल विधायक ठाकुर रामलाल से मिला और उन्हें अपने समस्याओं के बारे में अवगत करवाया।
रामलाल ठाकुर ने कहा कि श्री नैना देवी का या पहाड़ी क्षेत्र डेंजर जोन में है व भूविज्ञान रिपोर्ट ने यह खुलासा किया गया है। जबकि इस पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों का और बड़े-बड़े पिलर्स और पुलों का निर्माण करना खतरे से खाली नहीं है । उन्होंने कहा कि अगर यह पहाड़ी गिर जाती है तो इसका कौन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास के पास करोड़ो रुपए जमा है और जिसके तहत उसका दुरुपयोग किया जा रहा है । रामलाल ठाकुर ने कहा कि इस लिफ्ट लगने से और होल्डिंग एरिया बनने से जहां पर इस पहाड़ी पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। वहीं पर स्थानीय लोगों को रोजगार से महरूम होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो लिफ्ट बनाई जा रही है, यह बाजार से बाहर से बन रही है, जिससे लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा।
श्री नैना देवी क्षेत्र के चंगर क्षेत्र, भाखड़ा क्षेत्र, स्वारघाट क्षेत्र के सैकड़ों युवक यहां पर माता के चरणों में रोजगार दुकानदारी करते हैं, उन सब का रोजगार समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को रोजगार देती है, लेकिन यह भाजपा की सरकार लोगों का रोजगार छीनने में लगी है । उन्होंने कहा कि आज दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही प्रधानमंत्री के बिलासपुर दौरे के बाद वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ इन सभी मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
रामलाल ठाकुर ने कहा कि होल्डिंग एरिया को लेकर और लिफ्ट को लेकर कई पेड़ यहां पर काट दिए गए। अगर जमीदार एक पेड़ काटता है तो वहां पर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट पहुंच जाता है, लेकिन यहां पर लाखों रुपए से नगर परिषद के द्वारा बनाया गया। ग्रीन पार्क पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया । उन्होंने कहा कि इस सभी मुद्दों को लेकर वह जल्द धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे , ताकि लोगों को न्याय मिल सके और माता की इस पहाड़ी को बचाया जा सके।
