मंडी,धर्मवीर(TSN)-मंडी जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक से करीब दो माह पूर्व एक महिला की नॉर्मल डिलीवरी होती है।डिलीवरी के समय महिला स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है और प्रसुति कक्ष में महिला को चिकित्सकों द्वारा टांके भी लगा दिए जाते हैं. डिलिवरी के दो दिन बाद महिला को घर भेज दिया जाता है। लेकिन डिलिवरी के ढेड़ माह बाद भी महिला का दर्द कम नहीं हुआ है तो,परिजन उसे निजी चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ले गए।निजी चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सक ने प्रसुति महिला का चेकअप करने के बाद सच्चाई बताई तो परिजन हैरान रहे गए।
डिलीवरी के बाद महिला के लगा दिए गलत टांके
विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि डिलिवरी के बाद प्रसुति महिला को टांके ही गलत लगाए गए है,जिसके कारण प्रसुति दर्द से कहरा रही है।परिजनों को निजी चिकित्सालय में विशेषयज्ञ चिकित्सक पर यकीन न हुआ तो प्रसुति को लेकर फिर से नेरचौक मेडिकल कॉलेज ले गए और श्री लाल बहादुर शास्त्री नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चिकित्सकों से प्रसुति महिला का चेकअप करवाया।जहां डाक्टरों ने माना कि प्रसुति महिला को गलत टांके लग गए हैं और उसे फिर से सर्जरी करवानी होगी। यह सारी घटना घटी है मंडी जिला के गोहर निवासाी संता सिंह की धर्मपत्नी परमजीत कौर के साथ।
परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की उचित कार्यवाई की मांग
बता दें कि परमजीत कौर की बीती 14 जुलाई को सामान्य डिलीवरी हुई थी और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।इस सारे घटना क्रम में हैरानी की बात यह है कि जिला के इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में इस तरह की लापरवाही से काम होगा तो लोग मेडिल कॉलेज में कार्यरत्त डाक्टरों पर कैसे विश्वास कर पाएंगे।प्रसुति महिला के परिजनों ने इसलापरवाही के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से उचित कार्यवाई की मांग उठाई है,ताकि भविष्य मे इस तरह की घटना पेश न आए।वहीं जब इस बारे में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एमएस दीपाली शर्मा से बात की गई तो उन्होने बताया कि उनके पास इस तरह की कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई जाएगी।
