नाहन/देवेंद्र कुमार- रेणुका बांध प्रबंधन और विस्थापितों के बीच संघर्ष लगातार जारी है। बांध निर्माण के मद्देनजर पेड़ों की गिनती करने पहुंची वन विभाग व बांध प्रबंधन की संयुक्त टीम को चौथी बार रेणुका बांध संघर्ष समिति ने बैरंग लौटा दिया।
वन विभाग की टीम सियूँ गांव पहुंची हुई थी , जहां ऐसे पेड़ों की गिनती की जानी है जो डूब क्षेत्र में आते हैं ,मगर लोगों के विरोध के चलते वन विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा । लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती बांध निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
विस्थापित बोले माँग पूरी न होने तक जारी रहेगा विरोध
हिमाचल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता की अगुवाई में वन विभाग की टीम यहां पहुंची हुई थी, मगर लोगों ने जमकर विरोध किया और पेड़ों की गिनती करने पहुंची टीम को उनका काम नहीं करने दिया।
रेणुका बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला ने कहा कि जब तक विस्थापितों की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा , तब तक टकराव की स्थिति लगातार बरकरार रहेगी ।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मांगों पर गौर न किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती जिसकी पूरी जिम्मेवारी रेणुका बांध प्रबंधन व जिला प्रशासन की होंगी। सात हजार करोड़ की लागत से बन रही 40 मेगावाट की इस महत्वपूर्ण परियोजना का खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास कर चुके हैं, मगर निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ रहा है । जिसका मुख्य कारण यही है कि यहां से विस्थापित होने वाले लोगो की मांगे पूरी नही हो रही है और वो निर्माण कार्य का विरोध जता रहे है।
