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राजस्व मंत्री जगत नेगी के सामने गूंजा अधिकारियों द्वारा लंबित पड़े मामलों को लटकाने का मुद्दा

Chandrika
Chandrika 3 Min Read
Updated 2025/04/03 at 8:45 PM
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मंडी,धर्मवीर(TSN)-वन अधिकार अधिनियम 2006 सरकारा द्वार आम लोगों को ध्यान में रखकर बना गया है।इस अधिनियम के तहत पंजीकृत मामलों में कोताही बरतने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं किया जाएगा और ऐसे अधिकारियों से विभाग द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा।यह बात राजस्व,बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह ने मंडी में वन अधिकार अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कही।

वन अधिकार अधिनियम के मामलों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्यवाई

बतां दे कि इस कार्यशाला में लंबित पड़े मामलों को अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर लटकाने का मुद्दा खूब गर्माया। जिस पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस अधिनियम को पूरी तरह से सरल बनाया गया है और संबधित अधिकारी अपनी ओर से इस अधिनियम में कोई भी कानून न जोंडे। साथ ही गैर कानूनी तरीक से कार्य करने पर भी अधिकारियों पर कार्यवाई भी जाएगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत सरकार तीन पुश्तों से वन विभाग की जमीन पर अपना निर्वाह कर रहे लोगों को मालिकाना हक देने जा रही है। अधिकार मिलने के बाद यह लोग जमीन को केवल इस्तेमाल कर सकते हैं, इस जमीन को कभी बेचा नहीं जा सकेगा। मालिकाना हक मिलने के बाद यह जमीन पुश्त दर पुश्त आगामी पीढ़ियों के नाम चढेगी।

बिल्कुल सरल अधिनियम, संबंधित अधिकारी अपनी ओर से इस अधिनियम में न जोड़े कोई भी कानून

वहीं मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि एफसीए और एफआर दोनो ही अलग-अलग कानून है।कई अधिकारी एफआरए को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति में है।इस कार्यशाला में उन अधिकारियों को वन अधिकार अधिनियम की बारीकियों से अवगत करवाने का प्रयास किया गया है।आने वाले समय मे इस तरही कार्यशालाओं को उपमंडल स्तर पर भी आयोजन किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत लंबे समय से लोगों के लिए काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी विभाग के साथ काम करने का मौका दिया जाएगा,ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस अधिनियम का लाभ मिल सके। इस अधिनियम को पूरी तहस से आम जन

TAGGED: Mandi Revenue minister Jagat singh negi
Chandrika April 3, 2025
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