अनिल कुमार,किन्नौर: किन्नौर जिला में सबसे बड़ा मुद्दा नोतोड़ का है और नोतोड़ की बहाली को लेकर प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही हैं। जिला किन्नौर में 20 हज़ार के आसपास नोतोड़ के मामलों के फाईल सरकारी कार्यालयों में लंबित पड़े हुए हैं,ऐसे में अब जल्द ही नोतोड़ बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बात प्रदेश के बागवानी, राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने रिकांगपिओ में मीडिया को जानकारी देते हुए कही।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि नोतोड़ बहाली के लिए सबसे पूर्व फॉरेस्ट राईट एक्ट 1980 यानि एफसीए को निरस्त कर इसकी अवधि को बढ़ाने के लिए राज्यपाल के पास शक्ति हैं। जल्द सरकार एफसीए के विषय में प्रदेश के राज्य पाल से सरकार बात कर एफसीए की अवधि बढ़ाने की बात करेगी, जिसके बाद तुरंत जिला में नोतोड़ की प्रक्रिया शुरू होगी और हजारों की संख्या में लोगों को नोतोड़ के तहत मिलने वाली भूमि मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान किन्नौर जिला की जनता से उन्होंने नोतोड़ की बहाली करने को लेकर वादा किया था और जिला की जनता से किए गए वादे को जल्द पूरा किया जाएगा ताकि किन्नौर जिला के लोगों को नोतोड़ की प्रक्रिया के तहत मिलने वाली भूमि मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने नोतोड़ को लेकर जनता को केवल गुमराह किया और पूरे 5 वर्ष केवल जनता को नोतोड़ बहाली करने के झूठे आश्वासन देते रहे लेकिन कांग्रेस की वर्तमान सरकार अपने वादों को पूरा करने में वचनबद्ध हैं।
