संजीव महाजन,नूरपुर: विधानसभा इंदौरा के मंड क्षेत्र में पौग बांध से अधिक पानी छोड़ जाने से खेतों में चारों ओर पानी ही पानी हो गया हैं। पिछले 13 दिनों से मक्का ,धान और गन्ने की फसलें पानी में डूब जाने से यह। किसानों को भारी मात्रा में नुकसान हुआ हैं और फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जिसका की पूरा आंकलन तो पानी उतरने के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन मंड क्षेत्र का किसान अपनी इस बर्बादी से चिंतित हैं।
बाढ़ प्रभावित किसानों को सभी सरकारों शिकायत हैं कि आज तक इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई भी सरकार इस समस्या का स्थाई हल करने में नाकाम रही हैं। यहां पानी का चैनेलाइज करना मुख्य मुद्दा हैं जिसका अभी तक किसी भी सरकार की ओर से हल नहीं किया गया हैं । मंड सनोर के बाड़ में फसे ग्रामीणों ने तो शाह नहर के साईफन पर लोहे के तीन गाडर रखकर जोखिम भरा पैदल आने जाने का रास्ता खुद बना कर सरकार को दिखा दिया है की नेतागण समस्यायों का समाधान करने के लिए नहीं सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए अपनी हाजिरी दर्ज करवाते हैं।
क्षेत्र में प्रभावित लोग अभी भी भारी कठनाइयों का सामना करने पर मजबूर हैं। डैम से छोड़े गए पानी से मंड का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका हैं। गांववासियों का कहना हैं की पिछले कुछ दिनों से लगातार पानी यहां हमारे खेतों में आ रहा है जिसकी वजह से सारी फसलें पानी में डूब गई हैं। सरकार मुआवजे देने की बात करती हैं लेकिन हमें मुआवजा नहीं चाहिए हम चाहते हैं कि सरकार इस व्यास नदी का चैनेलाइजेशन कर दे तो समस्या का समाधान हो जाएगा क्योंकि चैनेलाइज होने से क्षेत्र में पानी नहीं आएगा ना नहीं हमारा ननुकसान होगा।
गांव की महिला ने कहा कि लगभग,15 दिनों से यहां हमारे खेतों व घरों के पास पानी आ रहा जिसकी वजह से हम कहीं आ जा नहीं सकते। हमारे पशु भी पानी में ही रहने को मजबूर है। उनके चारे के लिए भी बहुत दिक्कत हो रही हैं हमारी सरकार से अपील है कि इस नदी का चैनेलाइजेशन किया जाए ताकि यहां की यह समास्या खत्म हो जाए।
