बिलासपुर : सुभाष ठाकुर- घुमारवीं विधानसभा में विधायक द्वेष की भावना के कार्य कर रहे हैं। जिस मिनी सचिवालय को स्वीकृत करवाकर यहां पर लोगों की सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा है, उसी कार्य को रूकवाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है कि घुमारवीं में इसकी कोई जरूरत नहीं है। यह बात पूर्व खाद्य अपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने घुमारवीं में प्रेसवार्ता के दौरान कही।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार द्वारा घुमारवीं के लिए मिनी सचिवालय स्वीकृत किया था। यही नहीं टेंडर प्रक्रिया को पूरा करके इसका कार्य भी युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका था, लेकिन किस कारण इस कार्य को रोका गया यह समझ से परे है। घुमारवीं में बन रहा मिनी सचिवालय का कार्य राजनीतिक द्वेष भावना का शिकार हो रहा है।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि घुमारवीं के नए स्वरूप व विकास के लिए घुमारवीं में सविचालय को स्वीकृत करवाया गया था। इससे लोगों को एक छत के नीचे सारी सुविधाएं मिलनी थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कोई ही ऐसा विधानसभा क्षेत्र होगा जहां मिनी सचिवालय न हो। इससे लोगों को एक छत के नीचे सुविधाएं मिलती हैं। यहां भी लोग को कहीं भटकाना न पड़े इसके लिए सचिवालय स्वीकृति करवाया था। काम बंद करवाना यह द्वेष की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार व विधायक को भी जनता द्वारा चुना गया था। लेकिन ये अदला बदले की भावना सही नहीं है। यह अच्छी संस्कृति का प्रतीक नहीं है। एक प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए 1 से 2 साल लगते हैं। इसके लिए लम्बी प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। ऐसे में विकास कार्यों कोे बदलना या बंद करवाना कौन सी समझदारी है। यह सब स्थानिय विधायक ही बता पाएंगें। उन्होंने कहा कि यहां जिस मिनी सचिवालय का निर्माण शुरू हुआ है यह घुमारवीं के विकास व लोगों की सुविधा के लिए हो रहा है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। विधायक भी विकास कार्यों के लिए हिमाचल सरकार से बजट स्वीकृत करवा सकते हैं। लेकिन यह सहन नहीं होगा कि जो कार्य स्वीकृत हुए हैं उन्हें बंद किया जाए। इसके लिए आंदोलन करना पड़ेगा वह भी करेंगे क्योंकि ये जनहित में किया गया कार्य है।
