सचिन शर्मा,मनाली: प्रदेश में भी तो दिनों हुई भारी बारिश के चलते कुल्लू मनाली में आई आपदा ने यहां पर्यटन कारोबार पर संकट खड़ा कर दिया हैं। इस आपदा के दौरान कुल्लू मनाली क्षेत्र में हजारों की संख्या में पर्यटक फंस गए थे और कुछ पर्यटक यहां आपदा का शिकार भी हुए। ऐसे में अब मैदानी इलाकों से सैलानी पर्यटन नगरी मनाली का रुख करने से भी घबरा रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों जो पर्यटन नगरी मनाली पर्यटकों से गुलजार रहती थी वहां एक भी पर्यटक नजर नहीं आ रहा हैं।
बीते दिनों हुई भारी बारिश से ब्यास नदी में आई बाढ़ के कारण जहां कुल्लू से मनाली के मध्य नेशनल हाईवे 3 कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ हैं। इसके साथ ही संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ हैं मनाली में बीते दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ का असर अब यहां के पर्यटन कारोबार पर साफ नजर आ रहा हैं। पर्यटकों से गुलजार रहने वाली पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों सैलानियों के बगैर खाली-खाली सी नजर आ रही हैं।
बीते दिनों यहां पर आई बाढ़ के कारण सैलानियों ने भी यहां आने का जो प्लान बनाया था और होटल्स में एडवांस बुकिंग की थी वह कैंसिल कर दी हैं जिससे अब यहां पर नाममात्र ही सैलानी नजर आ रहे हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े कारेाबारी नकुल और सुनीत का कहना है कि मनाली में बीते दिनों बारिश और ब्यास नदी में आई बाढ़ का असर उनके पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा हैं ।
उन्होंने कहा कि क्नैक्टिवैटी न होने के कारण उनके होटलों की बुकिंग भी रद्द हो गई हैं जिससे होटल और स्टाफ का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो रहा हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से उन्हें उभरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि होटलों की बुकिंग पहले जहां एडवांस रहती थी वहां अब उनके पास से कोई बुकिंग नहीं है और आपदा के बाद पर्यटक इतना घबरा चुके हैं कि वह हिमाचल के इन पर्यटन स्थलों का रुख ही नहीं करना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हालात इसी तरह के रहते हैं तो आने वाले समय में पर्यटन कारोबार पर मंदी छा सकती है जिसका उन्हें डर सता रहा हैं।
