Mandi, Dharamveer – मंडी जिला के सराज क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि बगस्याड़ तक सड़क मार्ग बहाल कर दिया गया है और कल तक थुनाग तक गाड़ियां पहुंचने लगेंगी। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि थुनाग को फिर से सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए 8 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि थुनाग पहुंचने के बाद राहत सामग्री और ज़रूरी सामान तेजी से भेजा जाएगा। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए स्थानीय सब-स्टेशन को सक्रिय किया गया है। भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, वहीं सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित होने वाले इलाकों में खच्चरों की मदद से सामग्री भेजी जाएगी।
सबसे ज़्यादा नुकसान सराज में
डीसी ने बताया कि आपदा से सबसे अधिक प्रभावित सराज क्षेत्र में लगभग 60 हजार लोग, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं, फंसे हुए हैं। सभी पर्यटकों के परिजनों से संपर्क हो चुका है और कुछ को उनके राज्यों में भेज दिया गया है। सड़कों के खुलते ही अन्य पर्यटकों को भी निकाला जाएगा।
अब तक 13 की मौत, 30 लापता
30 जून और 1 जुलाई की रात आई आपदा से मंडी जिला में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 30 लोग अब भी लापता हैं। अकेले सराज में ही 5 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन के मुताबिक अब तक ₹115 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। जिला में अभी भी 190 सड़कें बंद हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जा रहा है।
अन्य प्रमुख नुकसान:
- 511 विद्युत ट्रांसफॉर्मर प्रभावित
- जल शक्ति विभाग की 580 योजनाएं बाधित
- 154 घर क्षतिग्रस्त
- राहत कार्यों में NDRF, SDRF की 5 टीमें सक्रिय
- आर्मी की एक टीम भी तैनात
प्रशासन युद्ध स्तर पर बहाली कार्यों में जुटा है और प्रभावितों तक हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
