Shimla, Sanju-शिमला जिले के लिंडीधार गांव में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे बनाई जा रही सुरक्षा दीवार भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जहां एक ओर लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा, वहीं दूसरी ओर सेब के सैकड़ों पौधे मलबे में दबकर तबाह हो गए।
स्थानीय निवासियों ने एनएचएआई (NHAI) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह दीवार पहले भी गिर चुकी थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब दीवार के दोबारा गिरने से आसपास के मकानों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है, और लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
- ऋषि राठौड़, स्थानीय निवासी — “ये पहले भी गिर चुकी थी, हमने शिकायत की थी… लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हमें जान बचाकर घर छोड़ना पड़ा है।”
- राजेश ठाकुर — “सेब की बागवानी हमारा मुख्य साधन है। सारा नुकसान हो गया। सरकार मुआवजा दे और निर्माण कार्य को सुरक्षित बनाए।”
- सावित्री देवी — “रात को नींद नहीं आती। कब मलबा गिर पड़े, डर बना रहता है।”
- अन्य स्थानीय निवासी
घटना की जानकारी मिलते ही शिमला ग्रामीण के एसडीएम मंजीत शर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इसी स्थान पर पिछले महीने भी भूस्खलन हुआ था और NHAI को सुरक्षा दीवार की मजबूती के निर्देश दिए गए थे। मगर अब दीवार पूरी तरह ढह चुकी है और नीचे बने घर और बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है।एसडीएम शिमला ग्रामीण ने बताया कि हमने पहले ही चेताया था कि यह इलाका संवेदनशील है। NHAI को सुधार कार्य के निर्देश दिए गए थे। अब फिर से गिरने से स्थिति और खराब हो गई है। संबंधित एजेंसियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
