हिमाचल :चन्द्रिका – कॉलेज और यूनिवर्सिटी में छात्र संघ एक एसा प्लेटफॉर्म है,जहां प्रतिनिधि छात्रों से जुड़े मुद्दे और उनकी समस्याओं को उठाते है ।यही से छात्र सामाजिक स्तर पर भी जागरूक होते है । हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों से भी कई युवा छात्र संघ से जुड़ने के बाद सामाजिक और राजनितिक तौर पर जागरूक हुए है । हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से एक एसे ही युवा है जो छात्र संघ एसएफआई के विभिन्न पदों पर रहे और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया ।
छात्र संघ एक एसा प्लेटफॉर्म जहां सामाजिक और राजनितिक स्तर पर होते है छात्र जागरूक
छात्र संघ एसएफआई के पूर्व छात्र विक्रम कायथ वर्तमान में केरला राज्य के सेंटर यूनिवर्सिटी से पर्यटन में पीएचडी कर रहे है । विक्रम कायथ एक ऐसे युवा नेता रहे जिन्होंने प्रत्यक्ष एससीए चुनाव के बैन होने पर एसएफआई से छात्र प्रतिनिधि के तौर पर इसका पुरजोर विरोध किया था । विक्रम कायथ का आज भी ये कहना है कि शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ बनाने का अधिकार होना चाहिए । यहां न सिर्फ छात्र राजनीती का हिस्सा है बल्कि यहां से छात्र सामाजिक स्तर के मुद्दों को समझते है और उन्हें उठाते है । यहां छात्र अपनी सक्रिय भूमिका निभाते है ।
विक्रम कायथ ने 2010 में जिला शिमला रामपुर कॉलेज में एससीए में एसएफआई से अध्यक्ष रहे । एचपीयू में 2012 में एसएफआई के महासचिव रहे । 2014 में एचपीयू में फीस वृद्धि और प्रत्यक्ष एससीए चुनाव बैन होने के मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन किया । इसके चलते विक्रम कायथ और अन्य एसएफआई के छात्रों को 82 दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा । ऐसे में एचपीयू से भी इन्हें निष्कासित कर दिया गया । वहीं 2014 में एससीए से एसएफआई के सचिव बने । 2017 में एसएफआई के राज्य अध्यक्ष भी रहे । वहीं 2022 में एचपीयू द्वारा विक्रम कायथ समेत अन्य छात्रों का निष्कासन भी रद्द कर दिया गया । एचपीयू से विक्रम कायथ ने एमटीए की डिग्री हासिल की ।विक्रम कायथ का कहना है की विभिन्न छात्र संघ की अपनी विचारधारा है, शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ एक प्लेटफॉर्म है जहां वे छात्रों की समस्याओं और उनके मुद्दे उठाते है ।
