Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिला की नवगठित पुरली पंचायत में अन्य पंचायतों के वार्डों को शामिल किए जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। बुधवार को पुरली पंचायत से जुड़े दर्जनों ग्रामीण हमीरपुर पहुंचे और उपायुक्त अमरजीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि नई पंचायत में किसी भी अन्य पंचायत के वार्डों को न जोड़ा जाए।ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि चारियां दी धार पंचायत के विभाजन के बाद जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2020 में पुरली पंचायत का गठन किया गया था। पंचायत गठन के समय सभी मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, ऐसे में अब किसी अन्य पंचायत के गांवों या वार्डों को इसमें शामिल करना तर्कसंगत नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि पंचायतों का विभाजन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या संतुलन और प्रशासनिक सुविधा को देखते हुए किया जाता है। यदि अब अन्य पंचायतों के वार्डों को पुरली पंचायत में जोड़ा गया तो इससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई पैदा होगी और पंचायत का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उटपुर पंचायत के गांव मडियार और गाहरा के कुछ लोग पुरली पंचायत में शामिल होने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस मांग से पुरली पंचायत के अधिकांश ग्रामीण सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे पंचायत के संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और विकास कार्य प्रभावित होंगे।ग्रामीणों ने उपायुक्त से आग्रह किया कि पुरली पंचायत को उसके वर्तमान स्वरूप में ही बनाए रखा जाए और किसी भी अन्य पंचायत के वार्डों को इसमें शामिल न किया जाए। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
