अरविंदर सिंह,हमीरपुर: विश्व और भारत के विख्यात सिद्ध पीठ दियोटसिद्ध में 24 जुलाई सोमवार को मध्यरात्री को हुई हिंस+क झड़+प के बाद अब महंत श्रीश्रीश्री1008 राजेंद्र गिर महाराज का लाईव वीडियो सामने आया हैं। इसमें महंत श्री ने दियोटसिद्ध नगर में अमन चैन की कामना करते हुए देश और दुनिया के तमाम श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा है कि दियोटसिद्ध नगर में पूर्ण अमन-चैन व शांति हैं। जबरन कब्जा जमाने वाले लोगों की प्रशासन को दी शिकायत में अब यह साबित हो गया है कि वह झूठ का सहारा लेकर झूठे आरोप लगाकर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
महंत श्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें राजतंत्र, न्यायतंत्र व व्यवस्था तंत्र पर पूर्ण भरोसा हैं। सरकार न्याय और पुलिस प्रशासन के प्रयासों से ही हम सब की रक्षा-सुरक्षा में कायम हैं,लेकिन हम+लावर टीम के लोग अब अपने गुनाहों को छिपाने के लिए अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतारू हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमला+वरों की टीम के सरगना का कहना है कि महंत के गुं+डों ने उन पर हमला किया हैं, जबकि सच उन्हीं के शिकायत पत्र से सामने आया है कि वह आधी रात को जबरन कब्जा करने के लिए दो गाडिय़ों में भर कर नकाब पोश हमला+वरों की टीम के साथ वहां पहुंचे थे। उस समय भी प्रशासन ने अपने कर्तव्य को निभाते हुए अपना पहरा यहां जारी रखा था।
महंत ने कहा कि दो-तीन हमला+वर औरतों की टोली को आगे करके हमला+वरों ने आधी रात को शट्टरों के ताले तोडऩे का प्रयास किया हैं जिसमें उन्होंने जबरन कब्जा लेने की कोशिश की हैं। आधी रात को हमलावर स्वयं गाडिय़ों में पहुंचे थे। इसी फसाद की आशंका से महंत प्रशासन आवास ने पहले ही पुलिस को सूचना दी थी, जिसके तहत यहां पुलिस का पहरा भी लगा था। हिंस+क झ+ड़प में जो भी कार्रवाई हुई है, वह बचाव के प्रयास में हुई हैं। हमला+वरों के हल्ले को सुनकर श्रद्धालु भी घटनास्थल पर पहुंचे थे।
पहरे पर मौजूद पुलिस कर्मियों के पुलिस चौकी को सूचना देने के बाद पेट्रोलिंग टीम को देखकर हमलावर भागे हैं, जिसमें उनकी एक गाड़ी यहां छूट गई। उस गाड़ी में पड़ी सामग्री स्वयं बताती है कि यह हम+ले की बुरी नीयत से वह यहां आए थे। अब जब यह जबरन कब्जा लेने में कामयाब नहीं हुए तो अब अनाप-शनाप बयानबाजी करके छवि खराब करने में लगे हैं।
महंत श्री ने स्पष्ट किया कि वह कानूनी कार्रवाई में पूर्ण विश्वास करते हैं और आज तक तमाम भूमि विवादों को उन्होंने कानून की मदद से सुलझाने में सफलता पाई है। महंत बोले कि जिस तरह की भाषा का प्रयोग अब आरोपी पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन के लिए कर रहे हैं वह भी अभद्रता और अहंकार की इंतहा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम+लावर स्वयं हमले की नीयत व जबरन कब्जे की नीयत से दियोटसिद्ध पहुंचे थे न कि महंत आवास प्रशासन के सेवादार उन्हें नुकसान पहुंचाने उनके घर गए थे।
महंत ने कहा कि हम+लावर आरोपी जो गुनाह कर चुके हैं उससे बचने के लिए अब यह बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। महंत श्री ने तमाम श्रद्धालु समाज से अपील करते हुए कहा है कि दियोटसिद्ध में सब शांतिपूर्ण चला हुआ है। अफवाहों व भ्रमित प्रचार में न आएं और दियोटसिद्ध मंदिर की मर्यादा व परंपराओंका शांतिपूर्ण तरीके से निर्वहन करें।
