कुल्लू :मनमिंदर अरोड़ा – लाहौल घाटी के त्रिलोकनाथ में त्रिलोकी नाथ महादेव मंदिर में बीते दिनों स्थानीय विधायक रवि ठाकुर के द्वारा एक पट्टिका का विमोचन किया गया है। उस पट्टिका पर त्रिलोकीनाथ मंदिर को बौद्ध मंदिर के रूप में सूचित किया गया है। जो बिल्कुल गलत है और इस पट्टिका से हिंदू धर्म के लोगों की आस्था को भी चोट पहुंच रही है। ऐसे में अब लाहौल स्पीति प्रशासन को जल्द से जल्द यह पट्टिका यहां से हटानी चाहिए। ताकि बौद्ध व हिन्दू धर्म के लोगों का आपसी प्यार बना रह सके।
ढालपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद धर्म यात्रा के प्रांत सह संयोजक सुनील आर्य ने बताया कि त्रिलोकीनाथ मंदिर में हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग एक साथ मिलकर पूजा करते हैं। लेकिन इस पट्टिका के माध्यम से हिंदू धर्म पर चोट पहुंचाने का काम किया है। लाहौल में दोनों ही धर्म के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं और अब इस पट्टिका को हटाया जाए। वही,अगर प्रशासन को इस पट्टिका में इस मंदिर के इतिहास के बारे में लिखा जाना चाहिए। ताकि यहां आने वाले लोगो को इस मंदिर के इतिहास का पता चल सके। सुनील आर्य ने कहा कि 7 दिनों के भीतर अगर पट्टिका नहीं हटाई गई तो लाहौल में आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी लाहौल स्पीति प्रशासन की होगी। वही, इस बारे अगर अदालत का भी रुख करना पड़े तो विश्व हिंदू परिषद पीछे नहीं हटेगा। सुनील आर्य ने कहा कि अब लाहौल की प्रबुद्ध जनता भी इस मामले में आगे आए और स्थानीय विधायक को इस बारे जानकारी दी जाए।
