By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: कार्रवाई करने के बजाय एनजीओ पर 97 लाख रुपए की मेहरबानी का राज क्या है : जयराम ठाकुर
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > कार्रवाई करने के बजाय एनजीओ पर 97 लाख रुपए की मेहरबानी का राज क्या है : जयराम ठाकुर
himachalpolitical

कार्रवाई करने के बजाय एनजीओ पर 97 लाख रुपए की मेहरबानी का राज क्या है : जयराम ठाकुर

Chandrika
Chandrika 3 Min Read
Updated 2025/02/26 at 6:27 PM
Share

शिमला,26फरवरी(TSN)-नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सामाजिक और अधिकारिता विभाग में ग़लत तरीक़े कुछ एनजीओ के 97 लाख रुपए के प्रोजेक्ट्स को मंजूर करने का मामला सामने आया है।जिन एनजीओ के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की संस्तुति सक्षम अधिकारियों द्वारा की गई थी,उन्हीं पर उच्च अधिकारी मेहरबान हो रहे हैं और अपने अधीनस्थों की अपील ठुकरा कर नियम विरुद्ध काम कर रहे हैं। यह मामला सामान्य नहीं बल्कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से जुड़ा है।ऐसे में सवाल उठता है कि जिन संस्थाओं के खिलाफ सक्षम अधिकारी ने कार्रवाई करने के लिए कहा हो उस पर उच्च अधिकारी कैसे मेहरबान हो सकता है?आखिर ऐसा किसके कहने पर किया गया? ऐसा करने और करवाने वाले की क्या मंशा है?

सरकार के फैसलों में हर जगह पक्षपात

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के फैसलों में हर जगह पक्षपात नज़र आता है।प्रदेश में राज्य स्तरीय बहुविषयक अनुदान सहायता समिति(एमडीडीजीआई) की बैठक में कांगड़ा की तीन एनजीओ के प्रोजेक्ट को सदस्य सचिव द्वारा अनियमितता के आधार पर नामंजूर कर दिया गया था और उनके पंजीकरण रद्द करने की सिफारिश की गई।जिसका अनुमोदन बैठक के चेयरमैन द्वारा भी किया गया था।बाद में उन तीनों एनजीओ के प्रस्तावों को ग़लत रूप से सशर्त मंज़ूरी देते हुए उन्हें केंद्र सरकार के पास भेजने की सिफारिश विभाग के सचिव द्वारा कर दी गई। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित परियोजनाओं में इस प्रकार से धन का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक महीने से ज़्यादा समय हो जाने के बाद भी सरकार द्वारा इस तरह के ग़लत काम का समर्थन क्यों किया गया? इस पूरे प्रकरण में किस अधिकारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए पक्षपात किया? इतने बड़े घोटाले पर सरकार आँखे बंद करके क्यों बैठी रही? इसके साथ ही मुख्यमंत्री इस बात का भी जवाब दें कि इस तरह के घोटाले के समर्थन करने वालों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई कर रहे हैं।प्रदेश के संसाधनों को इस तरह से लुटाने वाले के ख़िलाफ़ अगर वह नरमी बरतते है तो सवाल उन पर भी उठेंगे।

TAGGED: Shimla opposition leader Jai Ram Thakur
Chandrika February 26, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article बिलासपुर में धूमधाम से मनाया जा रहा महाशिवरात्रि पर्व सभी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Next Article महाशिवरात्रि पर श्री अघंजर महादेव मंदिर खनियारा में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

नूरपुर में जिला परिषद चुनाव को लेकर तेज हुई सियासत, भाजपा ने झोंकी ताकत

Ago

चंबा में बड़ा हादसा टला: कोटी पुल के पास कार खाई में गिरी, पांच घायल

Ago

चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1 लाख का योगदान दिया

Ago

बुद्ध पूर्णिमा पर मां चिंतपूर्णी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, भक्ति का दिखा अनोखा रंग

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?