संजीव महाजन,नूरपुर: हमारे लोग कट्टर हिन्दू हो सकते हैं लेकिन उनको हिन्दूओं के इतिहास की जानकारी नहीं हैं संस्कृत भाषा का ज्ञान नहीं हैं। संस्कृत भाषा देश को जोड़ने वाली भाषा है लेकिन हम पश्चिमी सभ्यता से फलीभूत होकर अंग्रेजी भाषा को ज्यादा तरजीह दी रहे हैं। यह बात आज की युवा पीढ़ी को हिन्दू धर्म और संस्कृति से जोड़ने को लेकर कार्य कर रहे भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद, हिन्दू राष्ट्रवादी नेता एवं सनातन धर्म के प्रमुख प्रचारक सुब्रमण्यम स्वामी ने कही।
सोमवार को सुब्रमण्यम स्वामी ज्वाली विधानसभा के भरमाड में एक शादी समारोह में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्होंने कहा कि उनका हिमाचल प्रदेश से गहरा नाता रहा हैं। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार हमारे घनिष्ठ मित्र हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जागृत करने के लिए पिछले पांच-छह साल से संगठन चला रहे हैं जिसका नाम विराट हिंदुस्तान संगम हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी हिन्दू धर्म व सनातन धर्म को भूल रही हैं। युवा पीढ़ी भी राम-राम या श्रीराम बोलने की बजाए हेलो-हाय तक सीमित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि विराट हिंदुस्तान संगम के माध्यम से हिंदुओं को हिन्दू इतिहास से अवगत करवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी भरमाड़ निवासी रोहित भागवत के पुत्र रमेश चंद की बहन की शादी में भाग लेने आए थे।
