मंडी/धर्मवीर – प्रसूता महिला यदि सही ढंग से नवजात को स्तनपान करवाती है तो उसके शरीर में भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी के पनपने का खतरा कम हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह की जानकारी विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से प्रसूता महिलाओं को दी जा रही है। बता दें कि 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह के तहत मंडी जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रसूता महिलाओं को स्तनपान का महत्व बताया जा रहा है। सीएमओ मंडी डा. दिनेश ठाकुर ने बताया कि हर प्रसूता महिला को दो घंटे के अंतराल में या फिर बच्चे की डिमांड पर उसे स्तनपान करवाना चाहिए। मां के दूध में जो पोषक तत्व होते हैं वह किसी अन्य दूध या आहार में नहीं होते। इसलिए 6 महीनों तक नवजात को मां के दूध के सिवाय और कोई दूसरा आहार नहीं देना चाहिए। इसी से बच्चे को सारे पोषक तत्व मिलते हैं और उसका विकास होता है।
स्तनपान के दौरान खुराक का रखें विशेष ध्यान
सीएमओ मंडी डा. दिनेश ठाकुर ने कहा कि महिलाओं को स्तनपान के दौरान अपनी खुराक का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी जा रही है और उन्हें इस अवस्था में अधिक पौष्टिक आहार और उसकी मात्रा में बढ़ोतरी की सलाह भी दी जा रही है। क्योंकि महिला के शरीर में तभी पर्याप्त मात्रा में दूध बनेगा जब वह सही आहार ग्रहण करेगी। यदि महिला खुद कम खाएगी तो उससे न तो उसकी खुद की खुराक पूरी होगी और न ही बच्चे की।
