बिलासपुर, सुभाष-: हिमाचल प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बिलासपुर से नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहली बार बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मंत्री ने जानकारी दी कि पहले चरण में बिलासपुर को 15 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जिले को और अधिक इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाएगा, ताकि ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी लाई जा सके।राजेश धर्माणी ने एचआरटीसी अधिकारियों से बंदला जैसे पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक और ग्रीन हाइड्रोजन आधारित परिवहन का है। इसी सोच के तहत प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत पात्र युवाओं को इलेक्ट्रिक टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा निजी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस संचालन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत पात्र संचालकों को पूंजीगत सब्सिडी के साथ प्रति माह 75 हजार रुपये तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) का लाभ मिलेगा।मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और हिमाचल को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल राज्य बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
