Summer express/शिमला, संजू- : हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई), शिमला द्वारा 133 इको टास्क फोर्स (डोगरा), कुफरी और 129 इको टास्क फोर्स (जैक एलआई), सांबा के जवानों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नव-भर्ती कार्मिकों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा उन्हें वन संरक्षण एवं पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े आधुनिक तरीकों की जानकारी प्रदान करना था।
एचएफआरआई की निदेशक मनीषा थपलियाल के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला में संस्थान के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बीज संग्रहण की वैज्ञानिक विधियों, पौधशालाओं के प्रभावी संचालन, विभिन्न वन प्रजातियों के रोपण एवं संरक्षण की तकनीकों तथा वनों के पुनर्जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण में वनाग्नि की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने जवानों को जंगलों में आग लगने की घटनाओं से निपटने की रणनीतियों, सुरक्षा उपायों और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में जानकारी दी। आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जियो-टैगिंग, डिजिटल मानचित्रण तथा केएमएल फाइलों के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे वन क्षेत्रों की निगरानी और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।कार्यशाला में दोनों इको टास्क फोर्स इकाइयों के नव-नियुक्त जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
133 ईटीएफ और 129 ईटीएफ के कमांडिंग
अधिकारियों ने एचएफआरआई की निदेशक, वैज्ञानिकों एवं प्रशिक्षण दल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जवानों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा वन संरक्षण, वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने में मददगार सिद्ध होंगे।
