मंडी : परी शर्मा – चारो तरफ बर्फ की सफेद चादर, घरों की छतों में जमी मोटी बर्फ की परत, बर्फ से लदे पेड़ और गलिया सुनसान, ये नजारा है मंडी जिला के उंचाई वाले क्षेत्रों का। जंहा भारी बर्फबारी हुई है। यंहा के हालात कर्फयू से कम नही, ये कर्फ्यू यंहा मौसम ने लगाया है।
सराज के गाड़ा गुसेणी में लगभग डेढ़ फीट तक हुई बर्फबारी
मंडी जिला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पराशर, कमरूनाग, शिकारी देवी में भारी हिमपात हुआ है और जनजीवन अस्त व्यस्त है। बात करे सराज की तो यहां का महौल किसी फिल्मी दुनिया से कम नही। पेड़ों को देख ऐसा लग रहा है मानों आर्टिफिशल हो। भारी बर्फबारी से सराज का गाड़ा गुसैनी क्षेत्र बर्फ की चांदी से सराबोर है। यंहा लगभग डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त है, लोग घरों में कैद है और तंदुर जलकार आग का अलाव ले रहे है। तंदुर के आगे बैठकर लोग जुराबे, पुले बुनने में व्यस्त है। हिमपात के बाद यंहा के लोगों का जीवन कठिनाईयों भरा हो जाता है, बर्फबारी और ठंड जितनी भी पड़े फिर भी लोगों को दैनिक कार्यो के लिए, पशुओं को चारा देने उनकी देखभाल के लिए घरों से बाहर निकलना पड़ता है।
बर्फबारी के बाद पानी कि किल्लत को दुर करने के लिए लोगों को प्राकृतिक स्त्रोतों का रूख भी करना पड़ता है। हिमपात के बाद लोगों के आगंन, पैदल चलने वाले रास्तों में बर्फ जम गई है। जिसे हटाने के लिए अब लोग जुट चुके है ताकि चलने में परेशानी ना आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी रात बर्फबारी हुई है जिससे ठंड में इजाफा हुआ है और उनके दैनिक कार्य प्रभावित हुए है। इनका कहना है कि अन्य लोग और पर्यटक बर्फबारी का आंनद लेने कुल्लू, मनाली का रूख करते है , लेकिन ये खुशनसीब है कि इनका क्षेत्र भी बर्फबारी के बाद कुल्लू मनाली से कम नही।
