मंडी, धर्मवीर-: सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत शुरू किया गया पांच वर्षीय बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम अब नए विद्यार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है।वर्ष 2022 में शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम में शुरुआत से ही विद्यार्थियों का अपेक्षित रुझान नहीं रहा।वहीं, पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध न होने की समस्या ने भी इसकी निरंतरता पर सवाल खड़े किए। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फिलहाल नए दाखिलों पर रोक लगा दी है।विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम के लिए 20 सीटों का प्रावधान किया था, लेकिन चार साल के दौरान कभी भी सभी सीटें नहीं भर पाईं। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, कम दाखिलों के साथ-साथ शिक्षकों की कमी को देखते हुए पाठ्यक्रम की समीक्षा करवाई गई। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स के सुझावों के आधार पर इसे फिलहाल बंद करने का निर्णय लिया गया है।
सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाई और फैकल्टी की कमी भी एक प्रमुख कारण रही। विश्वविद्यालय की ओर से सरकार को आवश्यक फैकल्टी उपलब्ध करवाने के लिए लिखा गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी उपलब्ध होने के साथ यदि विद्यार्थियों का रुझान बढ़ता है, तो कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।हालांकि, इस फैसले का असर वर्तमान विद्यार्थियों पर नहीं पड़ेगा। विश्वविद्यालय में इस समय करीब 50 विद्यार्थी इस कार्यक्रम में अध्ययनरत हैं और उनकी पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी।
क्या है पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम?
बीएससी-एमएससी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में विद्यार्थी 12वीं के बाद विज्ञान विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई लगातार पांच वर्षों में पूरी कर सकते हैं। देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान इस तरह के कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। ऐसे में सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में इस कार्यक्रम का बंद होना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम विषय माना जा रहा है।

