शिमला : चन्द्रिका -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में 137 किसान समृद्धि केंद्रों का वर्चुअल मध्यम शुभारंभ किया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीकर से देश भर में 1.25 लाख पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों को राष्ट्र को समर्पित किया और पीएम-किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त जारी की । जिससे हिमाचल के 1001978 किसानों को लाभ प्राप्त हुआ ।इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश और देशभर से लगभग दो करोड़ किसानो ने भाग लिया ।
भाजपा प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर किसानों को एक ही स्थान पर कृषि संबंधी सभी इनपुट और सेवाएं प्राप्त करने के लिए विभिन्न दुकानों पर जाना पड़ता है।पीएमकेएसके कार्यक्रम किसानों के सामने आने वाली ऐसी समस्याओं का समाधान प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। कार्यक्रम उद्देश्य मौजूदा गांव, ब्लॉक,उप जिला, तहसील और जिला स्तरीय उर्वरक खुदरा दुकानों को मॉडल उर्वरक खुदरा दुकानों में परिवर्तित करना या यदि आवश्यक हो तो नई दुकानें स्थापित करना है, जो सभी कृषि संबंधी इनपुट और सेवाओं के लिए वन स्टॉप शॉप के रूप में कार्य करेंगी। मॉडल फर्टिलाइजर रिटेल शॉप का नाम “प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र” होगा।
बिहारी लाल शर्मा ने पीएमकेएसके के उद्देश्य सामने रखते हुए कहा की पीएमकेएसके किसानों के लिए वन स्टॉप शॉप के रूप में कार्य कर रहा है। उद्देश्य के रूप में एक ही छत के नीचे उचित मूल्य पर उर्वरक, बीज, कीटनाशक जैसे गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराना। मृदा,बीज, उर्वरक परीक्षण सुविधाएं प्रदान करना या किसानों को उन सुविधा केंद्रों से जोड़ना । बिक्री या कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से छोटे और बड़े कृषि उपकरणों की उपलब्धता। अच्छी कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों के बीच जागरूकता पैदा करना। किसानों आदि से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना ।उन्होंने कहा की पीएमकेएसएम तरल उर्वरकों, कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन सहित बड़े, छोटे कृषि उपकरणों को किराए पर लेने के लिए कस्टम हायरिंग केंद्रों को भी लिंकेज प्रदान करेगा।
इस केंद्रों में परीक्षण सुविधाएं भी होगी, पीएमकेएसके के पास विशेष रूप से ब्लॉक, उप जिला और जिला स्तर पर मिट्टी परीक्षण के लिए परीक्षण सुविधाएं होंगी।
केंद्र में सलाहकार सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जायेगी जैसे पीएमकेएसके किसानों को संबंधित राज्य कृषि विश्वविद्यालय (एसएयू) द्वारा अनुशंसित और अच्छी कृषि प्रथाओं (जीएपी) के अनुसार विभिन्न फसलों के पैकेज और प्रथाओं को अपनाने में मदद करेगा। वे किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करेंगे पीएमकेएसके सहायता डेस्क, सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों की सहायता करेगा (i) मिट्टी विश्लेषण और मिट्टी परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों का अनुप्रयोग, (ii) पोषक तत्वों के एकीकृत और संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना, (iii) विभिन्न फसलों की प्रथाओं के पैकेज को अपनाना, (iv) विभिन्न मंडियों में उनके आगमन और मूल्य स्तर के संबंध में कृषि वस्तुओं की जानकारी (v) मौसम पूर्वानुमान, (vi) फसल बीमा (vii) ड्रोन की खरीद और (viii) ड्रोन उड़ाने के लिए प्रशिक्षण आदि।
किसान-की- बात: पीएमकेएसके में मासिक आधार पर आसपास के क्षेत्रों के किसानों से बातचीत आदि आयोजित की जाएगी। अन्य गतिविधियों के अलावा, डीओएफ किसानों के सामने “किसान की बात” के रूप में अपने विचार रखेगा। यह बैठक प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को होगी। डीओएफ द्वारा प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में विषयों का माहवार कैलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
