संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में जल्द ही 4700 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 178 किलोमीटर लंबी फोरलेनिंग परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही शिमला-मटौर, कीरतपुर-नेरचौक और मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन मार्गों में स्तरोन्नत करने के कार्य को गति प्रदान की जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग ओर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा बेठक के दौरान दिए।
मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए भू-अधिग्रहण के मुआवज़े से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए संबंधित जिला प्रशासनों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुआवज़ा राशि प्रदान करने में अनावश्यक देरी से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता हैं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन सड़कों का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करें और सुरंगों ओर पुलों के निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित करें।
उन्होंने सुचारू यातायात संचालन के लिए इन मार्गों में तंग गलियारों व मोड़ों में सुधार के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्राधिकरण को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने ओर निविदा प्रक्रिया की समय सीमा घटाने के भी निर्देश दिए ताकि परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़कें हिमाचल प्रदेश के लोगों की जीवन रेखाएं हैं क्योंकि यहां रेल ओर हवाई संपर्क सीमित स्तर पर ही उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों को विश्व स्तरीय सड़क ढांचा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है और इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा प्राप्त होगी।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ऊना जिला में बिढ़ू से लठियाणी को जोड़ने के लिए गोविंद सागर झील पर 900 करोड़ रुपए अनुमानित लागत से एक पुल का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए उन्होंने 25 फरवरी, 2023 तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालागढ़ से स्वारघाट फोरलेन के विस्तारीकरण पर 600 करोड़ रुपए, कालाअंब-पावंटा साहिब-देहरादून फोरलेन के विस्तारीकरण पर 1200 करोड़ रुपए, राष्ट्रीय राजमार्ग-503 अंब से ऊना और पंजाब सीमा से नादौन तक राष्ट्रीय राजमार्ग-03 के फोरलेन विस्तारीकरण पर 1500 करोड़ रुपए ओर ऊना बाईपास के निर्माण पर अनुमानित 500 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 750 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से जलोड़ी दर्रे पर एप्रोच रोड के साथ दो-लेन की सुरंग, 700 करोड़ रुपए की लागत से सैंज-लुहरी- जलोड़ी-बंजार-औट सड़क, 100 करोड़ रुपए की लागत से नाहन-सराहन-कुमारहट्टी सड़क पर नाहन शहर के लिए दो लेन की सुरंग, 700 करोड़ रुपए के परिव्यय से नाहन से कुमारहट्टी खंड-एनएच-907 ए तक के दो लेन के सुधारीकरण ओर 300 करोड़ रुपए के परिव्यय से एनएच-154ए पंजाब सीमा से बनीखेत-चंबा-भरमौर सड़क के स्तरोन्नयन कार्य स्वीकृत भी हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआरए और एफसीए मामलों की समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने संबंधित उपायुक्तों की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया हैं ओर डीएफओ और यूजर एजेंसी इसके सदस्य होंगे।
