अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की ने कांग्रेस सरकार की ओर से पूर्व सरकार के समय में खोले गए 600 से अधिक संस्थाओं के डी नोटिफाई करने के फैसले के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की शुरुवात प्रदेश में की हैं। बीजेपी की ओर से शुरू किए गए इस पर हस्ताक्षर अभियान पर पलटवार कांग्रेस की ओर से किया गया हैं। हमीरपुर में जिला कांग्रेस प्रवक्ता रोहित शर्मा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा हैं कि चुनावी वर्ष में 600 से अधिक संस्थानों की घोषणा के बावजूद प्रदेश की जनता ने भाजपा को हार का रास्ता दिखा कर अपना फैसला सुना दिया हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा मात्र राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह के अभियान चला रही हैं, जिसका जनता से कोई सरोकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस सरकार की ओर से बिना किसी भेदभाव के संस्थानों को डि नोटिफाई करने का नीतिगत फैसला लिया हैं,जिसका पार्टी स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया हैं कि जहां जरूरत होगी उन संस्थाओं को पार्टी जल्द खोलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता मात्र अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए इस तरह के अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को नकार कर अपना हस्ताक्षर पहले ही कर दिया हैं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से कैबिनेट मीटिंग की तिथियों पर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का अधिकार है कि वह कब मीटिंग बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले दो तिहाई बहुमत की बात करते थे, फिर कांग्रेस के मुख्यमंत्री की बात करते थे, बाद में कैबिनेट में मंत्रियों की बात करते थे और अब मीटिंग के समय की बात कर रहे हैं यह हास्यप्रद हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश हित में लगातार नीतिगत फैसले लिए हैं और कैबिनेट मीटिंग कब करने यह उनका अधिकार क्षेत्र है और वे इस पर खुद ही फैसला लेंगे।
