अनिल कुमार,किन्नौर: आजाद भारत के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी ने आज 5 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। शनिवार सुबह करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। मास्टर श्याम सरन नेगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान से पूरा किया गया है।
उनकी मौत की खबर सुनते ही प्रशासन व किन्नौर जिला के हजारों लोग उनके घर पर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इस दौरान किन्नौर के पारंपरिक रस्मों रिवाज़ से स्वर्गीय श्याम सरन नेगी को पांच रंगीन कपड़े में लपेटकर उन्हें उनके घर वालों ने नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी उन्हें गार्ड ऑफ़ ओनर दिया, जिसके बाद उनकी अंतिम यात्रा कल्पा से लेकर पोवारी श्मशान तक चली जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन सादिक, एसपी किन्नौर विवेक चहल व पुलिस जवान भी मौजूद रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि देश के प्रथम मतदाता ने आज इस दुनिया को अलविदा कहा है। ऐसे में प्रशासन ग्रामीणों व अन्य लोगों ने उनके निवास स्थान कल्पा मे अंतिम दर्शनों के बाद उन्हें विदाई दी और पोवारी समीप श्मशानघाट में उनको पुलिस जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ़ ओनर भी दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम मतदाता ने इस विधानसभा चुनावों में भी स्वर्गवास से पूर्व अपने मत क़ा अंतिम बार प्रयोग किया है। यह भी देश के लिए गर्व की बात है और उनका नाम इतिहास के पन्नों मे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।
बता दे कि देश के प्रथम मतदाता ने 1951 के बाद अबतक 34 मर्तबा अपने मत का प्रयोग किया है और इस विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने 14वी मर्तबा अपने मत का प्रयोग किया। देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी मूरंग गांव में अध्यापक के पद पर थे और 1951 के अक्टूबर माह में बर्फबारी के बीच उन्होंने अपने मत का पहला प्रयोग किया था, जिसके बाद 2 नवंबर 2022 तक यह सिलसिला चला और अब यह सिलसिला अगले चुनावों के लिए थम गया है।
बता दे कि देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी ने 2 नवंबर को स्वास्थ्य खराब होने के चलते घर पर ही अपने मत का प्रयोग बैलेट पेपर के माध्यम से किया जिसके बाद से उनकी तबियत खराब चल रही थी। वहीं आज शाम 4 बजे दिल्ली से इलेक्शन कमीशन के कमीशनर भी श्याम सरन नेगी के घर कल्पा उनके परिवारजनों से मुलाक़ात के लिए आएंगे, जिसकी जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन सादिक ने दी है।
