Nurpur, Sanjeev-:14वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), बौढ़ नूरपुर, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के कैंप परिसर में आज एनडीआरएफ का 21वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और अनुशासन के साथ मनाया गया।स्थापना दिवस के अवसर पर संतोष, सहायक सेनानी (जीडी) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड की सलामी 14वीं वाहिनी के ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने ली। इस अवसर पर वाहिनी के अधिकारी, जवान तथा उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाए दीं। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की स्थापना 19 जनवरी 2006 को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत की गई थी और तभी से प्रत्येक वर्ष 19 जनवरी को स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ का गठन देश में आने वाली प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित, प्रभावी और समन्वित प्रतिक्रिया के उद्देश्य से किया गया था। बीते वर्षों में एनडीआरएफ ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक अग्रणी आपदा प्रबंधन बल के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।
एनडीआरएफ देश के किसी भी हिस्से में आपदा की स्थिति में अग्रिम पंक्ति में रहकर मानव जीवन और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही यह बल अन्य देशों में भी आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करता है तथा विभिन्न सुरक्षा बलों, राज्य एजेंसियों और आपदा मित्रों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।एनडीआरएफ का ध्येय वाक्य “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” हर परिस्थिति में निस्वार्थ सेवा के संकल्प को दर्शाता है। 14वीं वाहिनी एनडीआरएफ, जसूर (नूरपुर), जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में सभी प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए सदैव तत्पर एवं सजग है।समारोह के समापन पर ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने सभी अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को पुनः स्थापना दिवस की शुभकामनाए देते हुए उनके सुखद, सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
