Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला में हिमाचल किसान सभा ब्लॉक कमेटी ने राज्य किसान सभा के आह्वान पर किसानों की मांगों को लेकर जोरदार रैली निकाली। रैली का आयोजन डाकघर से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक किया गया। रैली का नेतृत्व राज्य उपाध्यक्ष शौकिनी कपूर, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जगदीश जग्गी और उपाध्यक्ष प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
किसान नेताओं ने प्रदर्शन में सरकार से अपील की कि हिमाचल प्रदेश में किसानों की जमीन से बेदखली तुरंत रोकी जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 16 सितंबर के आदेश के अनुसार भूमि नीति बनाए और इसे तुरंत केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाए। साथ ही, वन संरक्षण कानून 1980 में संशोधन के लिए केंद्र सरकार से वार्ता की मांग की गई, ताकि वन भूमि देने का अधिकार हिमाचल सरकार को मिल सके।किसानों ने वन अधिकार कानून 2005 को सख्ती से लागू करने और पुस्तैनी कब्जों को नियमित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल के प्रत्येक परिवार को 10 करनाल भूमि दी जाए और शहरों में दो बिस्वा भूमि देने के कानून को पूरी शक्ति से लागू किया जाए, ताकि भूमिहीन परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके।
रैली में किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने को तुरंत बंद करने की भी मांग की, क्योंकि इससे आम बिजली उपभोक्ताओं को भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मनरेगा कानून को बहाल करने और 200 दिन का रोजगार देने की भी अपील की। इसके साथ ही, मनरेगा जैसी योजना शहरों में भी लागू की जाए ताकि शहरी गरीब परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिल सके।किसान नेताओं ने बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी ध्यान देने की मांग की और कहा कि ऐसे पशुओं को पकड़कर गौसदनों में भेजा जाए।रैली में हिमाचल किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश कुमार, सचिव धनवीर सिंह और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
